फर्जी डिग्री से नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों की एसआईटी जांच रिपोर्ट आने पर जिले के शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। संदिग्ध 9 शिक्षकों में पांच के कागजात फर्जी होने की पुष्टि रिपोर्ट मिलते ही उन्हें सेवा समाप्ति की नोटिस जारी कर दी गई है। शेष चार के बारे में फिलहाल अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। सेवा समाप्ति की जारी नोटिस वाले शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी और इनसे रिकवरी भी की जाएगी। यह सब वर्ष 2009 से जिले में नौकरी कर रहे हैं।
मामला सत्र 2004-05 का है। जब आगरा स्थित एक विश्वविद्यालय से बीएड की डिग्री लेने वालों की डिग्री फर्जी होने की शिकायत पूरे प्रदेश स्तर पर हुई। तत्कालीन सरकार ने इस जांच को एसआईटी को सौंप दिया। एसआईटी की जांच में चित्रकूट जिले के 9 शिक्षक इस जांच के घेरे में आए। इसके बारे में अमर उजाला ने कई बार खबरें प्रकाशित कीं। इसी जांच की रिपोर्ट पहले जो आई थी उसमें 9 शिक्षकों की डिग्री संदिग्ध थी जिन्हें एसआईटी के सामने प्रस्तुत किया गया था। अब एसआईटी की जांच पूरी होने पर 5 शिक्षकों की डिग्री फर्जी होने का दावा एसआईटी ने किया है। इसी की रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजी गई है।
मंगलवार को इसकी रिपोर्ट के आते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। बीएसए प्रकाश सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर सोतीपुरवा विद्यालय में तैनात शिक्षक सुमन देवी, कुम्हारनपुरवा पहाड़ी विद्यालय के चंद्रभान, बिहरवां पहाड़ी विद्यालय के कमलेश कुमार, लमियारी पहाड़ी विद्यालय के रामगोपाल व बाबूपुर पहाड़ी विद्यालय के राघवेंद्र कुमार को सेवा समाप्ति की नोटिस जारी कर दी गई है। अन्य चार के खिलाफ फिलहाल अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।