जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के कुलाधिपति जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य का पदमविभूषण सम्मान मिलने पर रविवार को उनका अभिनंदन समारोह हुआ। उन्होंने कहा कि यह उनका नहीं बल्कि पूरे निशक्तजनों का सम्मान है। उनका पूरा जीवन निशक्तजनों और चित्रकूट के लिए समर्पित है।
रामभद्राचार्य को भारत सरकार ने पद्मविभूषण, उप्र सरकार ने यशभारती, विश्वभारती सम्मान से नवाजा है। इस मौके पर उनके अभिनंदन समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि महात्मा गांधी ग्रामोदय विवि के कुलपति प्रो. एनसी गौतम और स्वामी रामभद्राचार्य ने मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन से किया।
संगीत विभाग के विशेष नारायण मिश्र ने सरस्वती वंदना गाई। रामायणी कुटी के संत रामहृदय दास ने कहा कि इन सम्मानों से चित्रकूट की पहचान स्वामी रामभद्राचार्य की कर्मस्थली के रूप में हुई है।
केपी शुक्ल ने उनको अनंत काल और अनंत विभूति का संगम बताया। मिथलेश शुक्ला और प्रति कुलपति प्रो. योगेश चंद्र दुबे ने स्वरचित कविता गाईं। इस मौके पर रामशरण दास, कौशलेंद्र दास, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, सांसद भैरो प्रसाद मिश्र, पूर्व विधायक दिनेश मिश्र मौजूद रहे।