फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओलावृष्टि और तेज बारिश से फसलें तबाह

Sun, 01 Mar 2015 11:07 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला चित्रकूट।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसानों की बची-खुची उम्मीद पर रविवार को इंद्र देवता ने ‘पानी’ फेर दिया। तेज और रिमझिम बारिश से कई क्षेत्रों में शत-प्रतिशत फसल बरबाद है। अरहर, चना के फूल भी झड़ गए हैं। किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ेगा। घर परिवार चलाने में मुश्किलें सामने आएंगी। साथ ही मवेशियों को चारा-भूसा देने के लाले पड़े हैं।
विज्ञापन


वहीं इस इस प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने प्रशासनिक अधिकारियों का दल भी रविवार को पहुंचा।
शुक्रवार शाम  तेज बारिश, तूफान और भीषण ओलावृष्टि ने किसान को तबाह कर दिया। हालांकि शनिवार को रिमझिम बारिश होती रही।

किसानों को उम्मीद थी कि अगर कुछ समय तेज धूप निकलेगी तो नुकसान से बचने में राहत मिल जाएगी पर ऐसा हुआ नहीं। कहीं तेज बारिश भी हुई। इससे खेतों में पड़ा गेहूं, अरहर, चना, अलसी के अलावा मेथी, प्याज आदि सब्जी के सड़ने की आशंका हो गई है।

राजापुर प्रतिनिधि के अनुसार, जिन लोगों ने नवंबर में गेहूं बोया था, उन किसानों का सत्तर फीसदी से अधिक नुकसान हुआ है। नवबंर के बाद गेहूं बोने वालों के पास अभी उम्मीद की किरण है।
विज्ञापन


अब  धूप निकल आए तो इनकी फसल लगभग पचास फीसदी बच सकती है। चना, अरहर के फूलों के झरने से नुकसान हुआ है।

राजापुर में बेराउर, चिल्लीमल, चिल्लीराकस, सरधुवा, ममसी आदि गांवों में नुकसान ज्यादा हुआ है। यहां के नत्थू प्रसाद, महेश सिंह, हरबक्श सिंह, शिवचरण, लवकुश प्रसाद  ने बताया कि इस साल जैसी आपदा सालों से नहीं देखी। कई जगहों पर तो किसान को खाने के लाले पड़ेंगे।

मऊ प्रतिनिधि के अनुसार, रामनगर ब्लाक में सबसे ज्यादा ओलावृष्टि हुई है। रामनगर, करही, जोरवारा, देवीपुर, मोहिनी, पुरा, छीबों, बरिया, रेरुआ, चित्रवार, देवीपुर, पूरबपताई, बरियारी, बरहा, परदवां, गढ़वा आदि गांवों में नुकसान की सौ फीसदी आशंका है।

मोहिनी गांव के किसान दुर्गा प्रसाद ने बताया कि सन् 68 के बाद से इतनी बड़ी और घातक ओलावृष्टि हुई है। अब तो फसल सड़ जाएगी, जिससे मवेशियों के लिए चारा-भूसा का जुगाड़ करना मुश्किल होगा।

किसान बड़कू शुक्ला, उमेश पांडे, ओंकारशरण शुक्ला, बद्री विशाल, फूलचंद्र, उमेश चंद्र, भूषण तिवारी आदि ने कहा कि  इस साल अच्छी पैदावार होने की उम्मीद भी थी पर पानी, ओला ने सब कुछ चौपट कर दिया।

बारिश से कई इलाकों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। जिले के कई हिस्सों में आपूर्ति बाधित है। मऊ प्रतिनिधि ने बताया कि वहां रामनगर, छीबों और बरगढ़ के अलावा तहसील मुख्यालय में बिजली नहीं है।

इस संबंध में जेई शैलेंद्र मौर्या ने बताया कि लगभग 45 पोल टूटे हैं, जिनको फिर से लगाया जा रहा है। डीएम नीलम अहलावत ने भरतकूप क्षेत्र के लूक, लेउजा, मऊ आदि गांव में हुए नुकसान का मौके पर जाकर जायजा लिया।

उन्होंने अपर जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपने-अपने इलाके के गांवों में जाकर नुकसान का आकलन करें।

उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी किसान का खेत नहीं छूटना चाहिए। राजापुर में एसडीएम अभयराज, नायब तहसीलदार हर्षवर्धन, कानूनगो रामबदन द्विवेदी आदि ने बेराउर और आसपास के गांवों का दौरा कर नुकसान का आकलन किया।

मानिकपुर विधायक चंद्रभान सिंह पटेल ने रामनगर और आसपास के गांवों में जाकर ओला पीड़ित किसानों को सांत्वना दी।

उन्होंने कहा कि भखरवार, रामनगर आदि इलाकों में मोर और बंदरों की भी मौतें हुई हैं। वह विधानसभा के सत्र में तीन मार्च को यहां की तबाही का मुद्दा उठाएंगे। उनके साथ बसपा जिलाध्यक्ष रामलखन निषाद, रमेश चंद्र, फूलचंद्र खंगार मौजूद रहे।

भाजपा नेता देव त्रिपाठी ने बताया कि  बूढ़ा सेमरवार, रगौली, बालापुर, तौरा, छेरिया आदि गांवों में किसानों से मुलाकात की। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का वास्तविक आकलन कराकर जल्द मुआवजा दिलाया जाए। 

कांग्रेस की जिला उपाध्यक्ष रंजना पांडे, भाजपा के दिनेश तिवारी, राघवेंद्र सिंह ने डीएम से अनुरोध किया कि किसानों के नुकसान का आकलन कराकर इनको फौरी राहत दी जाए।

उधर, भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, जिलाध्यक्ष जयविजय सिंह, रामदयाल त्रिपाठी, सच्चिदानंद शर्मा ने ग्रामीणों से नुकसान के बारे में पूछा और सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि भाजपा किसानों के साथ है और उनके नुकसान की भरपाई कराने का हर संभव प्रयास करेगी।

उप्र उद्योग व्यापार मंडल के मंडल सचिव सुरेश प्रसाद मिश्र ने कहा कि सरकार को किसानों के लिए जल्द कुछ सोचना होगा। बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने किसानों के कर्ज माफी,  दस हजार रुपए बीमा मुआवजा तत्काल दिलाने की मांग की।

सांसद भैरो प्रसाद मिश्र और पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल ने खेती-बाड़ी में हुए भीषण नुकसान पर दुख व्यक्त किया है। सांसद ने कहा कि बांदा और चित्रकूट के डीएम से वार्ता कर किसानों को सरकार की तरफ से ज्यादा से ज्यादा मदद दिलाने को कहा है।
विज्ञापन



 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें