चित्रकूट। धर्मनगरी रामघाट पर मंदाकिनी नदी में पर्यटकों के नौका विहार को अब अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा। नगर पालिका परिषद ने अग्रिम भुगतान नाव सेवा शुरू करने की पहल की है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मनमानी वसूली रोकना है।
यह नई व्यवस्था पर्यटकों को जान जोखिम के डर से मुक्त करेगी। हाल ही में शाम की आरती के वक्त श्रद्धालुओं से भरी एक नाव पलट गई थी। गनीमत रही कि नाव घाट पर थी और सभी सुरक्षित निकाल लिए गए। इस घटना के बाद अमर उजाला ने सुरक्षा इंतजामों की कमी उजागर की थी।
अमर उजाला ने सोमवार को नाबालिग नाविक, जीवन रक्षक जैकेट नदारद शीर्षक से खबर छापी थी। आज नौका विहार महंगा खेल, कर रहे मनमानी वसूली शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इन खबरों का संज्ञान लेकर नगर पालिका ने यह प्रस्ताव तैयार किया है। नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता ने बताया कि यह प्रस्ताव नाव हादसों की रोकथाम के लिए है। सभी सदस्यों से पास होने के बाद इसे जमीनी स्तर पर उतारा जाएगा।
अग्रिम भुगतान सेवा की कार्ययोजना
कार्ययोजना के अनुसार रामघाट सहित प्रमुख घाटों पर विशेष केंद्र बनाए जाएंगे। इन केंद्रों से पर्यटकों को नौका विहार के लिए अग्रिम भुगतान पर्ची मिलेगी। किराया दूरी के आधार पर चुकाना होगा। प्रत्येक यात्री को सुरक्षित सफर के लिए जीवन रक्षक जैकेट दी जाएगी।
सुरक्षा और व्यवस्था में सुधार
आपात स्थिति से निपटने के लिए नाविकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। घाटों पर गोताखोरों की भी तैनाती रहेगी। नाव खड़ी करने के लिए स्थान विकसित किए जाएंगे, जिससे अव्यवस्था समाप्त होगी। नाव में बैठने की क्षमता भी तय की जाएगी, जिससे अधिक या कम वसूली की शिकायतें रुकेंगी। अर्जित आय का उपयोग घाटों के सौंदर्यीकरण और रखरखाव में होगा।
फोटो 14 सीकेटीपी-04-13 अप्रैल को प्रकाशित खबर
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