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प्रसव उपरांत नवजात की मौत, लापरवाही का आरोप

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चित्रकूट। जिला अस्पताल में प्रसव के बाद अचानक नवजात की हालत बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। जिससे नाराज परिजनोें ने मौजूद स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सीएमएस ने स्टाफ से बातचीत करने के बाद आरोपों को गलत बताया है। वहीं दूसरी ओर एक अन्य मामले में अस्पताल में जच्चा-बच्चा को घर पहुंचाने के लिए 102 एंबुलेंस ने पांच घंटे का इंतजार कराया। बाद में प्रसूता के परिजनों ने एंबुलेंस चालक पर रुपये मांगने का भी आरोप लगाया है।
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पहाड़ी थाना अंतर्गत पहरा गांव की सोनम उर्फ सोमवती पत्नी बसन्त लाल को प्रसवदर्द होने पर शनिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर रात को उसने बालिका को जन्म दिया। कुछ ही देर बाद नवजात की हालत बिगड़ गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि बार-बार कहने पर भी मौजूद स्टाफ ने इलाज शुरु नहीं किया। इसके बाद नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने इसके लिए स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मामले में प्रभारी सीएमएस डॉ. रामरतन ने बताया कि नवजात गंदा पानी पी गया था। जिसको अस्पताल के विशेष वार्ड में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। रविवार की रात को अधिक हालत खराब होने के बाद उसकी मौत हो गई। इलाज में लापरवाही नहीं की गई है।
इसके अलावा जिला अस्पताल में जच्चा-बच्चा को मानिकपुर ऊंचाडीह जाने के लिए एंबुलेंस 102 को फोन करते रहे लेकिन पांच घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई। सोमवार को जिला अस्पताल में ऊंचाडीह निवासी साधना देवी पत्नी कृष्णकुमार ने आरोप लगाया कि पांच घंटे बाद जब एंबुलेंस आई तो चालक व मौजूद स्टाफ ने उनसे 300 रुपये की मांग की। इस मामले में प्रभारी सीएमएस डॉ. रामरतन ने बताया कि संबधित प्रभारी से पूंछताछ की जाएगी।
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