चित्रकूट। गर्मी का मौसम शुरु होने के पहले ही बिजली विभाग कटौती रोकने व फाल्ट से बचने के उपाय करने का दावा कर रहा है। कई उपकेंद्रों सहित गांवों के ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के साथ साथ नए भी लगाए गए हैं। जर्जर तारें भी बदली गई हैं। जिससे उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में निर्बाध आपूर्ति मिल सके।
जिले में लगभग 24,0050 उपभोक्ता हैं। जिनको बिजली आपूर्ति के लिए 24 उपकेंद्र हैं। फरवरी से ही तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पहुंच रहा है। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मई, जून में भीषण गर्मी पड़ेगी। जिससे बिजली की मांग भी खूब बढ़ेगी। मांग बढ़ते ही ओवरलोड की समस्या शुरु हो जाती है। पिछले साल तो गर्मी ने उपभोक्ताओं को खूब रुलाया था। लोग गर्मी में परेशान रहे।
ओवरलोड होने पर बनकट, धुस मैदान, लोढ़वारा, पहाड़ी, राजापुर, सरैंया, भरतकूप, छीबो, मानिकपुर, मऊ, बरगढ़ सहित अन्य उपकेंद्रों में बार बार ट्रिपिंग की समस्या हो गई थी। इस समस्या को देखते हुए विभाग ने सभी उपकेंद्रों में लगे ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ा दी है। किसी में पांच की जगह आठ तो कहीं आठ की जगह दस एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया गया है। जिससे उपभोक्ताओं को गर्मी में परेशानी न हो सके। गांवों में लगे ट्रांसफार्मरों में 18 की क्षमता बढ़ाई गई है। इस तरह सात नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। वहीं शहर के गंगाजी रोड, कसहाई, बनकट सहित ग्रामीण क्षेत्रों की जर्जर तारें बदली गई हैं।
तार टूटने पर दो की हुई थी मौत
दिसंबर 2024 में शहर के भैरो पागा मार्ग पर सड़क पर झुलते तार टूूट कर सड़क पर गिरने से दो लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना में विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई थी। जेई निलंबित किये गए थे। शिकायत पर लखनऊ से जांच टीम भी आई थी। इसके बाद उस क्षेत्र की दो दिन तक आपूर्ति बाधित रही थी। शहर समेत कई स्थानों में अभी भी बे तरकीब तारें सड़क व मोहल्ले के घरों के ऊपर से झूलती दिखती हैं। इनसे आये दिन घटनाएं भी होती हैं। भारी वाहनों के गुजरने से तारें टूटती हैं और फिर 5 से लेकर 8 घंटे तक उस क्षेत्र की बिजली गुल रहती है। इन्हें बदलने का काम नहीं किया गया है।
उपभोक्ताओं को गर्मी में परेशानी न हो, इसकी तैयारी की जा रही है। उपकेंद्रों सहित गांवों में लगे ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। जर्जर तारे भी बदली जा रही है।
दीपक सिंह, एक्सईएन बिजली विभाग