राष्ट्रीय रामायण मेले का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि राम के आदर्श को जीवन में उतारने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जनकल्याण के लिए सभी को रामचरित मानस को बांचना होगा। राजनेताओं को भी रामचरित मानस का अनुसरण करना चाहिए। बोलीं, चलो राम के पदचिह्नों पर अब इतिहास बदलना है।
डा. राममनोहर लोहिया की संकल्पना पर आधारित राष्ट्रीय रामायण मेले का यह 42वां आयोजन है। मंगलवार को महाशिवरात्रि पर्व पर इसका उद्घाटन करते हुए साध्वी भावविह्वल हो गईं। कहा कि 1984 में उन्होंने इसी मंच से संबोधन-प्रवचन किया था और आज वह इसका उद्घाटन कर रही हैं। यह खास है।
कहा कि चित्रकूट से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। बोलीं, चलो राम के पदचिह्नों पर अब इतिहास बदलना है। उन्होंने यहां के विकास के लिए किए गए अपने वादे को दोहराया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बीएचयू के प्रो. डा. विंदेश्वरी प्रसाद मिश्र ने रामायण को मानवीय मूल्यों की कथा बताया।
संचालन कर रहे डा. चंद्रिका प्रसाद दीक्षित ने कहा कि यह संभवत: पहली बार है जब रामायण मेला का उद्घाटन एक महिला के हाथों हो रहा है, यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ने विद्वानों का स्वागत किया।
पूर्व मंत्री जमुना प्रसाद बोस ने डा. लोहिया के साथ अपने संस्मरणों को याद किया। कार्यकारी अध्यक्ष राजेश करवरिया ने अतिथियों को स्मृतिचिह्न भेंट किया। इसके पूर्व तीर्थक्षेत्र के संत महंतों ने शोभायात्रा निकाली।
आज आएंगे राज्यपाल
चित्रकूट। उप्र के राज्यपाल श्रीराम नाइक बुधवार को चित्रकूट आएंगे। जानकारी के मुताबिक, राज्यपाल एक बजे दीनदयाल शोध संस्थान के कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसके बाद वह तीन बजे राष्ट्रीय रामायण मेले में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।