सदर तहसील परिसर में नायब तहसीलदार व शिक्षकों से होती नोंकझोंक।
- फोटो : अमर उजाला
मतदान के दिन बूथों में नि:शक्तजनों व असहायों को पोलिंग बूथ के पास मदद करने के लिए आंगनबाड़ी और शिक्षक बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई है। रविवार को सदर तहसील सभागार में इस कार्य के लिए सभी बीएलओ से एक अतिरिक्त स्वयंसेवक को बुलाने के लिए कहा गया
तो बीएलओ ने इस व्यवस्था के लिए अतिरिक्त समय मांगा। इसी बात को लेकर नायब तहसीलदार व बीएलओ के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ने बीएलओ का पक्ष लेकर नायब तहसीलदार से बहस की। काफी देर बाद मामला शांत हुआ।
चुनाव ड्यूटी पर लगाए गए बीएलओ को बूथ व आस पास की व्यवस्था की जिम्मेदारी को बताने के लिए रविवार को तहसील सभागार में बैठक चल रही थी। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश पांडेय ने बताया कि नायब तहसीलदार हर्षवर्धन सिंह ने कहा कि सभी बीएलओ मतदान के दिन बूथ के आसपास एक-एक स्थानीय ग्रामीण को साथ रखें जो नि:शक्त या कमजोर मतदाता को मदद कर बूथ के अंदर तक ले जा सके।
जिस पर शिक्षकों ने कहा कि इसके लिए कुछ दिन का समय दिया जाए और जिसे रखा जाए उसे भी कुछ मेहनताना मिलना चाहिए। बीएलओ ने आरोप लगाया कि इतना सुनते ही नायब तहसीलदार ने चिल्लाते हुए कहा कि सबकी चुनाव आयोग से शिकायत कर दी जाएगी और किसी ने बात नहीं मानी तो बुरा होगा।
नायब तहसीलदार की इन बातों का शिक्षकों ने विरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों ओर से कहासुनी होने लगी।लगभग आधे घंटे बाद दोनों पक्ष में मामला शांत हुआ। इस मामले में नायब तहसीलदार ने बताया कि चुनाव डयूटी समझाई गई है। जिसमें सबको मिलकर काम करना है। विवाद जैसी कोई बात नहीं है।