नागपंचमी पर शहर के प्रयागराज मार्ग के पास राहगीरों को नागदेवता के दर्शन कराता सपेरा।
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चित्रकूट। नागपंचमी का त्योहार धर्मनगरी सहित ग्रामीण इलाकों में परंपरानुसार मना। शिवालयों में जलाभिषेक कर पूजा पाठ किया गया। मनाही के बावजूद श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में स्नान किया। पट बंद होने से मत्स्यगजेंद्र नाथ मंदिर के दरवाजे पर जलाभिषेक किया गया। धारकुंडी आश्रम पर खासी भीड़ उमड़ी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए पुलिस को सक्रिय रहना पड़ा।
शनिवार को नागपंचमी पर लॉकडाउन के बाद भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में धर्मनगरी पहुुंचे। मंदाकिनी नदी में स्नान किया। मत्स्यगजेंद्र नाथ मंदिर मेें बाहर जलाभिषेक कर पूजा पाठ किया। कामदगिरी की परिक्रमा लगाई। शहर सहित राजापुर, मानिकपुर, भरतकूप, शिवरामपुर, पहाड़ी क्षेत्रों में श्रद्धालुओं ने शिवालयों में पूजा पाठ किया। मेला स्थलों पर भीड़ को रोकने के लिए पुलिस को तैनात किया गया था। महिलाओं ने घरों में भी पूजा की। नागपंचमी पर जगह-जगह मेलों और दंगल का आयोजन होता था। कोरोना महामारी के चलते इस बार यह आयोजन नहीं हुए।
जिला पंचायत सदस्य शिवशंकर यादव ने बताया कि वह हर साल वनकट गांव में नागपंचमी पर मेला और दंगल का आयोजन करते थे। इस बार कोरोना के मद्देनजर आयोजन निरस्त करना पड़ा। कोरोना का डर सपेरों को भी रहा। इससे भीड़ जुटाने के बजाय घर-घर जाकर सांप के दर्शन कराए। इन्होंने बताया कि लॉकडाउन के चलते घर चलाना मुश्किल हो रहा है।