चित्रकूट/खोही जिले की सीमा से सटे नयागांव थाने के सिपाही प्रबल प्रताप सिंह के हत्या मामले में नामजद दस हजार के इनामी सगे दो भाइयों को 11 दिन बाद पुलिस ने दबोच लिया। इनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त ट्रैक्टर को भी बरामद कर लिया।
सतना एसपी रियाज इकबाल ने बताया कि सिपाही के हत्यारोपियों की तलाश के लिए चार टीमें लगी थीं। बुधवार की देर रात को मुखबिर की सूचना मिली कि दोनों हत्यारोपी सगे भाई प्रमोद पटेल उर्फ पौधा व धनपत पटेल उर्फ लाला पुत्रगण रामवतार निवासीगण तुलसीगंज मंडेलहापुरवा थाना भरतकूप जिला चित्रकूट कहीं जाने की फिराक में भैरमबाबा मंदिर के आसपास मौजूद हैं।
इसी सूचना पर नया गांव थाना प्रभारी आरबी त्रिपाठी व जांच टीम ने घेराबंदी शुरु कर दी। देर रात लगभग डेढ़ बजे भैरमबाबा की पहाड़ी के पास पुलिस को देख जंगल की ओर भागने लगे। पुलिस ने पकड़ कर पूछताछ के बाद दोनों की शिनाख्त हो गई। निशानदेही पर गांव के बाहर से ट्रैक्टर भी बरामद कर लिया गया है। एसपी ने बताया कि इन दोनाें हत्यारोपियो ंको पकड़ने के लिए दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
गौरतलब है कि 14 जून को थाना नयागांव क्षेत्र के तत्कालीन थाना प्रभारी आशीष धुर्वे के साथ रायबरेली जिले के निवासी सिपाही प्रबल प्रताप सिंह गोदावरी रोड पर कोठियार नाला के पास वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी बीच एक ट्रैक्टर ट्राली में चार ड्रम व तीन प्लास्टिक जरी केन में मिट्टी तेल भर कर आया। रोकने के इशारे पर ट्रैक्टर लेकर भागने लगा। मौके पर मौजूद सिपाही प्रबल प्रताप सिंह के ऊपर चढ़ा दिया।
प्रबल प्रताप के रोड में गिर जाने पर ट्रैक्टर ट्राली का पहिया चढ़ा कर हत्या कर दी। 11 दिन बाद हत्यारोपियों को पकड़ने में नया गांव थाना प्रभारी आरबी त्रिपाठी, जांच टीम के प्रभारी ओपी चोगड़े, प्रभारी सुधांशू तिवारी, प्रभारी गोपाल चौबे, एसआई अजीत सिंह, दीपेश पटेल, विपेन्द्र मिश्रा, कप्तान सिंह, मुन्ना सिंह, श्यामलाल, महन्त सिंह व गणेश विश्वकर्मा टीम में शामिल रहे।