सूखे के साथ अब ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट भी बढ़ता जा रहा है। अनाज
न मिलने से परेशान ग्रामीण स्वच्छ पानी को भी तरस रहे हैं। दूसरे गांवों
की बात छोड़ों सांसद का गोद लिया गांव हन्ना बिनैका तक प्यासा है। यहां के
लोग करीब एक किमी दूर से पानी भरकर ला रहे हैं। प्रधानों का कहना है कि
अधिकारियों से हैंडपंप रिबोर कराने की कई बार मांग की गई लेकिन कोई नहीं
आता। कुछ गांव के लोगों ने बताया कि जलस्तर नीचे चला गया है। जिसकारण
हैंडपंप पानी देना बंद कर रहे हैं।
भाजपा सांसद भैरों प्रसाद मिश्र के गोद लिए गांव हन्ना बिनैका में लगे ज्यादातर हैंडपंप सूखे पड़े हैं। पेयजल संकट इस कदर गहरा चुका है कि यहां लोग करीब एक किमी दूर स्थित दूसरी बस्ती से पानी भरकर ला रहे हैं। गांव के चुनकू, रामलाल व संवरिया ने कहा कि सांसद कभी ग्रामीणों की सुध नहीं लेते।
केवल कहने से कोई काम नहीं होता। उन्हें खुद गांव आकर स्थिति देखनी चाहिए। हन्ना बिनैका गांव की प्रधान गायत्री देवी ने बताया कि गांव के सभी मजरों में कुल 64 हैंडपंप लगे हैं। जिनमें 25 खराब हैं। 12 रिबोर लायक हैं। शेष की स्थिति भी ठीक नहीं है। ज्यादातर हैंडपंपों से गंदा पानी आता है।
जिले के रामनगर ब्लाक के आधा दर्जन गांवों की हालत भी पेयजल के मामले में खराब है। यहां के लोग पानी के लिए हैंडपंपों पर ही निर्भर हैं। तालाब तो सूखे पड़े हैैं। पिपरौंध, हन्ना विनैका, सिरावल माफी, कटैया खादर और सुहैल गांव के लोग दूसरी बस्ती से पीने लाने को मजबूर हैं। कई बार तो पानी को लेकर दूसरी बस्ती के लोगों से विवाद भी हो चुका है।
ग्रामीण हनुमानदास, मूलचंद्र, शिवभूषण, रामतीरथ, नथन सिंह, धर्मपाल, भइयालाल, लल्लू, सुग्गन और विनीत ने बताया कि जलस्तर नीचे जाने के कारण हैंडपंप जवाब दे गए हैं। अन्य जलश्रोत पहले ही सूख चुके हैं। तहसील दिवस में हैंडपंप रिबोर कराने के लिए कई बार पत्र दिया। जल निगम के अधिकारी गांव भी आए और कुछ हैंडपंप रिबोर भी कराए लेकिन एक पखवाडे़ के अंदर ही हैंडपंप फिर जवाब दे गए। जिसकारण उन लोगों के सामने पानी की किल्लत है।