जिला पंचायत सदस्य पद को भाजपा सांसद की पुत्रवधू के नामांकन जुलूस में शामिल वाहन सीज किए जाने को लेकर सांसद और एसडीएम में जमकर नोकझोंक हुई। सांसद ने आरोप लगाया कि अधिकारी सत्ता पक्ष के दबाव में काम कर रहे हैं। वहीं एसडीएम ने कहा कि जो भी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
शनिवार को सांसद भैरों प्रसाद मिश्र की पुत्रवधू एकता मिश्रा का जिला पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन जुलूस निकल रहा था। बनकट रोड पहुंचते ही एसडीएम रजनीश कुमार मिश्र ने इसे रोक लिया। उन्हाेंने वाहनों की संख्या को लेकर आपत्ति जताई। इस पर सांसद आक्रोशित हो गए। उन्होंने कहा कि अधिकारी भाजपाइयों के साथ सत्ता पक्ष के दबाव में अभद्रता कर रहे हैं। बाद में कुछ वाहन सीज भी कर दिए गए।
सांसद ने बाकायदा नाम लेकर कहा कि सपा जिलाध्यक्ष के पुत्र के नामांकन जुलूस में चालीस वाहन थे, इनमें झंडे भी लगे थे। पर इनमें से किसी को सीज नहीं किया गया। हमारे जुलूस में कई प्रत्याशियों के वाहन थे पर इनको सीज किया गया। कहा कि वाहनों के संबंध में आचार संहिता तो नामांकन के बाद लागू होती है। अगर यही स्थिति बनी रही तो वह आयोग से शिकायत करेंगे। उधर, एसडीएम रजनीश कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्होंने सांसद से कहा था कि वह अलग-अलग टुकड़ियों में वाहन ले जाएं।
एक साथ वाहन ले जाने से अराजकता की स्थिति बनती है। पक्षपात का आरोप गलत है। बताया कि शनिवार को कर्वी कोतवाली में कुल 21 वाहन सीज किए गए हैं। इनमें से किसके कितने हैं, यह बता पाना कठिन है। हो सकता है कि इनमें सांसद के समर्थकों के तीन-चार वाहन हों। उधर, सूत्रों के अनुसार सांसद के काफिले के नौ वाहन सीज किए गए हैं।