मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के अमर्त सेन सभागार में 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर कुलपति प्रो. नरेश चंद्र गौतम ने कहा कि इसका लक्ष्य गांवों में ऐसा कुशल नेतृत्व तैयार करना है, जो सरकारी योजनाओं का फायदा हर घर तक पहुंचा सके।
उन्होंने बताया कि इसके तहत समाज कार्य स्नातक (सामुदायिक नेतृत्व) पाठ्यक्रम का संचालन 89 आदिवासी बहुल विकास खंडों में सुगमतापूर्वक कराने के लिए जबलपुर (एमपी) संभाग के आदिवासी बहुल विकास खंडों से करीब 200 परामर्श दाताओं एवं विकासखंड समन्वयकों को चुना गया है। कुलपति ने कहा कि इस पाठ्यक्रम में महिला नेतृत्व विकास पर विशेष बल दिया जाना है।
इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। कार्यक्रम के निदेशक डॉ. अमरजीत सिंह ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग, एमपी शासन के सहयोग से 51 जिलों के 270 मेंटर्स का प्रशिक्षण हो चुका है। विभाग द्वारा प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में यह पाठ्यक्रम चलाया जाएगा। प्रबंधन संकाय के अधिष्ठाता प्रो. रामचंद्र सिंह ने लीडरशिप डेवलपमेंट में इसके महत्व पर प्रकाश डाला। दूरवर्ती शिक्षा के निदेशक डॉ. वीरेंद्र कुमार व्यास ने बताया कि इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण सहभागियों को ग्राम प्रवास के दौरान गांव की समस्याओं एवं चुनौतियों से परिचित कराया जाएगा।