चित्रकूट। मानिकपुर सीएसची से गर्भवती महिला को आशा कार्यकर्ता द्वारा मऊ के प्राइवेट अस्पताल में ले जाकर प्रसव कराने के मामले में सीएमओ ने आशा व एंबुलेंस चालक के खिलाफ के खिलाफ जांच शुरु हो गई है। सीएमओ के निर्देश पर प्राइवेट अस्पताल से जच्चा बच्चा को लाकर सीएचसी मऊ में भर्ती करा दिया गया है। इसके बाद महिला के कहने पर दोनों को मानिकपुर सीएचसी भेजा गया।
मानिकपुर के चमरौंहा गांव निवासी लवलेश कुमार ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी को आशा ने मानिकपुर सीएचसी से मऊ के प्राइवेट वंदना अस्पताल में ले जाकर आपरेशन से प्रसवकराया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने 40 हजार रुपये देने के बाद ही जच्चा बच्चा ले जाने की बात कही। इसी मामले में सीएमओ डॉ. भूपेश द्विवेदी ने बताया कि मामले मेें पूरी जानकारी के बाद रविवार को मऊ सीएचसी के प्रभारी डॉ. मो. हारून प्राइवेट अस्पताल से जच्चा बच्चा को लेकर सीएचसी में लाए।इसके बाद महिला ने मानिकपुर जाने की जिद की तो उसे सीएचसी मानिकपुर भेज दियागयाहै। वंदना अस्पताल के प्रबंधक प्रभात त्रिपाठी ने बताया कि जब पता चला कि यह गरीब हैं तो इनसे रुपये नहीं लिए गए। वैसे अस्पताल में सीजर 25 हजार में होता है। सीएमओ ने बताया कि मानिकपुर व मऊ अस्पताल प्रभारी को कहा गया है कि आशा व एंबुलेंस चालक से पूरा विवरण व बयान लेकर रिपोर्ट भेजी जाए।