चित्रकूट। जिले के बरगढ़ क्षेत्र में स्थित मोहन नदी के पुनर्जीवन की कार्य योजना तैयार हो गई है। इस परियोजना पर खनिज न्यास विभाग से 132.88 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए ई-टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही कार्य प्रारंभ होगा।
मोहन नदी की लंबाई 16 किलोमीटर है। इसमें केवल बारिश के दिनों में ही पानी आता है, इससे किसानों को सिंचाई और जंगली जानवरों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ता है। किसान लंबे समय से नदी को सुरक्षित करने की मांग कर रहे थे। इस पर लघु सिंचाई खंड ने नदी के पुनर्जीवन का प्रस्ताव बनाया था। इस प्रस्ताव को खनिज न्यास विभाग ने मंजूरी दी। नदी का 16 किलोमीटर क्षेत्र में दो भागों में सर्वेक्षण किया गया। पहले भाग के लिए 48.69 लाख रुपये और दूसरे भाग के लिए 84.19 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। विभाग ने कार्यदाई संस्था को 50 फीसदी धनराशि जारी कर दी है।
मऊ क्षेत्र के गांवों को मिलेगा लाभ
विकास खंड मऊ के 12 से अधिक गांवों को सीधा फायदा होगा। इनमें गाहुर, खरगढहा, कोटवा माफी, डोडिया माफी, कनियाड़, उसरी माफी, बरगढ़, बिनोवा नगर, पतेरी, हड़हा, गोकुल पुरवा, तुरगवा और खोहर शामिल हैं। किसान अब बारिश के दिनों के अलावा भी अपनी फसलों की सिंचाई कर सकेंगे। साथ ही, गर्मी के दिनों में जंगली जानवरों को पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इससे क्षेत्र में पानी की समस्या से निजात मिलेगी।
खनिज विभाग से नदी की सफाई आदि कार्य कराने की योजना बनाई गई है। विभाग ने कार्यदाई संस्था को पहली किस्त भी जारी कर दिया है। प्रक्रिया पूरी कराकर कार्य शुरू कराया जाएगा।
पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी।