चित्रकूट। जिले में मनरेगा मजदूरों की एक करोड़ रुपये मजदूरी का भुगतान कई महीनों से रुका है। होली पर्व नजदीक होने के कारण मजदूर परेशान हैं और उनकी होली फीकी रहने की आशंका है।
जिले में करीब एक लाख मनरेगा मजदूर पंजीकृत हैं। उन्हें 125 दिन काम की गारंटी है, पर केवल 100 दिन ही काम मिलता था। मजदूर अपनी बकाया मजदूरी के लिए ग्राम प्रधानों के चक्कर लगा रहे हैं। प्रधान उन्हें समझा-बुझाकर वापस भेज रहे हैं।
मजदूरों के परिजनों में भी निराशा है। रमेश, कल्लू और महेश यादव जैसे मजदूरों ने 50 से 90 दिन काम किया है। वे मजदूरी के लिए भागदौड़ कर रहे हैं, पर भुगतान नहीं मिल रहा। मजदूरी ही उनकी जीविका का एकमात्र साधन है।
श्रम उपायुक्त डीएन पांडेय ने बताया कि मजदूरों की मजदूरी के कागजात भेजे गए हैं। उन्होंने होली पर्व से पहले भुगतान होने की उम्मीद जताई है। पांडेय ने कहा कि हर साल पर्व से पहले भुगतान हो जाता था। इस बार भुगतान क्यों रुका है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।