मुख्यालय समेत जिले के लगभग सभी स्थानों पर कई मतदाता जमकर परेशान हुए। कोई पर्ची तो कोई सूची से नाम गायब होने के कारण भटकता दिखा। मानिकपुर के एक मोहल्ले के ही 400 से अधिक नाम सूची से गायब रहे। शिवरामपुर, बरगढ़, पहाड़ी व राजापुर क्षेत्र में भी यही शिकायत मिलीं। मुख्यालय में तो एक वृद्ध महिला उस समय हैरान हो गई जब बूथ में रखी सूची में उसका नाम विलोपित श्रेणी में मिला। जिससे वह वोट नहीं डाल सकीं।
मानिकपुर कस्बे के आर्यनगर मोहल्ले का मतदान केंद्र आदर्श इंटर कालेज को बनाया गया था। गुरुवार दोपहर को लगभग 400 मतदाता वहां पर खडे़ होकर यही शिकायत कर रहे थे कि उनका नाम सूची से गायब है। हंगामे की स्थिति बनते देख पुलिस कर्मियों ने प्रशासन को सूचना दी। एसडीएम रामश्ंाकर मौके पर पहुंचे और सभी को समझाने का प्रयास किया। उसी समय मौजूद शिवसेना के प्रत्याशी सरयू केशरवानी ने कहा कि दो रुपये का फार्म भराकर इनका मतदान कराया जाए। जिस पर एसडीएम ने कहा कि ऐसा कोई आदेश उनके पास नहीं है। इसके बाद सभी घर लौट गए।
शिवरामपुर, बरगढ़, राजापुर, पहाड़ी व मऊ में भी कई मतदाता सूची में नाम न होने के कारण बिना वोट डाले घर लौैटे। मुख्यालय में तो बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया। शत्रुघनपुरी निवासी संजय ने बताया कि उनकी मां शांति देवी मतदान करने बूथ पहुंची तो वहां उनका नाम विलोपित श्रेणी में था। जिससे उनको वोट नहीं डालने दिया गया। इस बात को लेकर काफी देर तक मतदान कर्मियों से बहस भी हुई।
पोलिंग बूथ पर पहुंचे मतदाताओं ने यहां भी बीएलओ की लापरवाही सामने ला दी। घर-घर वोटर पर्चियां पहुंचाने की जिम्मेदारी को ईमानदारी से अंजाम नहीं दिया गया। नतीजतन, मतदाता वोट डालने के लिए लोग पर्चियां तलाशते रहे। बूथ के बाहर बैठे बीएलओ ने लिस्ट में नाम तलाशकर पर्ची बनाई, तब जाकर मतदाताओं ने वोट डाला। वहीं, राजनैतिक दलों के बस्तों पर भी मतदाताओं ने पर्चियां बनवाई। इतना ही नहीं एक मोहल्ले के चार सौ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से गायब मिले। जीवित महिला मतदाता का नाम सूची में विलोपित श्रेणी में होने से वह वोट नहीं डाल सकीं। सभी ने मतदाता सूची तैयार करने वालों को जमकर कोसा।
विधानसभा चुनाव में जिला निर्वाचन अधिकारी मोनिका रानी ने बीएलओ व उनके सहायकों को सख्त निर्देश दिए थे कि चुनाव से पहले मतदाताओं को पर्चियां दे दी जाएं लेकिन 23 फरवरी को कई स्थानों पर बीएलओ के कामकाज की पोल खुली। पहले से पर्चियां न मिलने से परेशान मतदाता वोटर कार्ड और मतदान के विकल्प लेकर बूथ तक पहुंचे। कई के नाम गायब मिले तो जिनके थे भी वे पर्ची के लिए भटकते रहे। बूथ के बाहर बैठे बीएलओ व राजनैतिक दलों के बस्तों से पर्चियां बनवाई, तब जाकर वोट डाल सके। शहर के गांधी गंज निवासी सुनील कुमार, शंकर गंज के मनीष सिंह, कुबेर गंज की अनीता का नाम बड़ी मुश्किल से वोटर लिस्ट में मिला तब जाकर पर्ची बनी।
मतदाता सूची से नाम गायब
शिवरामपुर। बिहरवां, अगरहुंडा व तरौंहा के आधा दर्जन मतदाताओं ने चुनाव कंट्रोल रूम में बताया कि पहले के चुनावों में वह सब मतदान करते रहे हैं लेकिन इस बाद सूची से उनके नाम गायब हैैं। जिससे वह मतदान से महरूम रह गए।
इस संबंध में जानकारी मिली है। आर्यनगर क्षेत्र के बीएलओ से पूरी जानकारी मांगी गई है। लापरवाही मिलने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। एक साथ इतने लोगाें के नाम गायब होने का मामला गंभीर है। इसे गंभीरता से लिया गया है।
- राममूमर्ति त्रिपाठी, रिटर्निंग अफसर मानिकपुर।