चित्रकूट। तहसील राजापुर के मिर्जापुर गांव में पिछले 11 वर्षों से लंबित चकबंदी की समस्या का आखिरकार समाधान हो गया है, जिससे ग्रामीणों ने गहरी राहत की सांस ली है। यह मामला गांव की अनुसूचित जाति बस्ती के लिए आवागमन के मार्ग की अनुपलब्धता के कारण अटका था। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के हस्तक्षेप के बाद की गई त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हुई है।
मिर्जापुर गांव में चकबंदी की प्रक्रिया पिछले 11 सालों से चल रही थी और यह लगभग अपने अंतिम चरण में थी। हालांकि, गांव में अनुसूचित जाति बस्ती के निवासियों को मुख्य सड़क से आवागमन के लिए कोई उचित और रास्ता नहीं मिल पा रहा था। इस गंभीर समस्या से परेशान ग्रामीणों ने एक सप्ताह पूर्व जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के समक्ष समस्या रखी। उन्होंने जनहित को सर्वोपरि मानते हुए, चकमार्ग बनाकर उसे मुख्य सड़क से जोड़ने की गुहार लगाई।
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी को गांव की भूमि का स्थलीय निरीक्षण करने का आदेश दिया। निरीक्षण के उपरांत, चकबंदी अधिकारी को चकमार्ग बनाकर उसे मुख्य सड़क से जोड़ने के संबंध में कार्रवाई करने के लिए कहा। चकबंदी अधिकारी ने एक उपयुक्त गाटा को चकमार्ग के रूप में चिह्नित किया और उसे पक्की सड़क से जोड़ा। इस महत्वपूर्ण कदम से ग्रामवासियों की लंबे समय से चली आ रही आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान हो गया।
चकबंदी की प्रक्रिया के सफलतापूर्वक संपन्न होने और आवागमन की सुविधा मिलने पर ग्राम प्रधान मिर्जापुर और अन्य ग्रामवासियों ने प्रशासन के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। उन्होंने समस्या के त्वरित, प्रभावी और समयबद्ध समाधान के लिए जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। इस समाधान से गांव के विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।