सावन के अमावस्या मेले में श्रद्धालुओं की भीड़
उमड़ी। लाखों श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में डुबकी लगाई। पूरे दिन कभी तेज
धूप तो कभी झमाझम बारिश हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कामद्गिरि की
परिक्रमा लगाई।
सावन की अमावस्या का ग्रामीण इलाकों में बड़ा महत्व
है। अच्छी फसल की कामना को लेकर किसान तीर्थक्षेत्र आए। लोगों ने मंदाकिनी
में स्नान कर महाराजाधिराज मत्यगयेंद्र नाथ का जलाभिषेक किया। इसके बाद
कामदगिरि की परिक्रमा लगाई।
इस बार प्रशासन ने लगभग पांच लाख
श्रद्धालुओं के आने की संभावना के मद्देनजर व्यवस्था की थी। हालांकि लगभग
चार लाख श्रद्धालु ही आए। प्रशासन की व्यवस्था चाक चौबंद रही। ट्रैफिक
पुलिस ने यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर इस बार टेंपो को रामघाट तक जाने
दिया।
यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए सुबह से ही चित्रकूट
के यातायात प्रभारी शिवमूरत यादव और आफाक खां मुस्तैद रहे। जगह-जगह ट्रैफिक
पुलिसकर्मी तैनात रहे।
कामतानाथ मंदिर के प्रधान पुजारी नंदकिशोर
दास ने बताया कि सावन की हरियाली अमावस्या का विशेष महत्व है। इस मास में
भगवान के झूले पड़ते हैं। इसी तरह श्रद्धालु भी भगवान को झूला झुलाने का
भाव लिए झूमते गाते कामदगिरि की परिक्रमा करते हैं।