फोटो-3- राष्ट्रीय रामायण मेला में भगवान श्रीकृष्ण राधा की लीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
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चित्रकूट। राष्ट्रीय रामायण मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भगवान श्रीराम व श्रीकृष्ण की लीलाओं का मंचन देख दर्शक मंत्र मुग्ध हो गए। ख्याती प्राप्त दिवारी नृत्य के कलाकार रमेश पाल ने भी अपनी टीम के साथ लोक कला की प्रस्तुति देकर दर्शकों को अचंभित कर दिया। बुंदेली लोकगीत- संगीत ने भी समा बांधा।
रामायण मेला परिसर में वृंदावन की ख्यातिलब्ध मंडली की ओर से नारद मोह लीला का मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव से लेकर उनकी बाल लीलाओं का बेहतर ढंग से मंचन किया गया। इसके बाद भारतीय लोक जीवन की विविध संवेदनाओं को गायन के माध्यम से कलाकारों ने दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया।
महोबा के लखन लाल एवं साथियों ने बुंदेलखंड की संस्कृति एवं परंपराओं को लोक गीत एवं नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। दर्शकोें ने भी अपनी तालियों से कलाकारों का मनोबल बढ़ाया। झांसी के रामाधीन आदि ने अपनी टीम के साथ भजन गाकर दर्शकों को भक्ति रस में गोते लगवाए। लखनऊ के मां भगवती लोक गायकों ने अपनी छटा बिखेरी।
झांसी के रघुवीर सिंह यादव ने मनोहारी भजनों को प्रस्तुत किया। दुनिया के कई देशों में भगवान श्री कृष्ण चेतना का प्रवाह स्वामी प्रभुपाद द्वारा स्थापित अंतरराष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ चित्रकूट शाखा द्वारा भक्ति से परिपूर्ण हरि नाम संकीर्तन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्त्रस्म का संचालन मेले के महामंत्री डा. करुणा शंकर द्विवेदी ने किया।