चित्रकूट विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण जिले में मास्टर प्लान लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों के लिए स्थान का निर्धारण होगा। 26 जून को विशेष सचिव की बैठक के बाद इस मास्टर प्लान के लागू होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि नगरपालिका सहित इस विनियमित क्षेत्र में कुल 43 गांव शामिल हैं।
विकास को तरजीह देने के लिए प्रदेश में पांच विशेष विकास प्राधिकरण क्षेत्र बनाए गए। इनमें मिर्जापुर, विंध्याचल, कपिलवस्तु, कुशीनगर समेत तीर्थक्षेत्र चित्रकूट भी शामिल हैं। चित्रकूट में 1988 में इसका गठन किया गया था। इसका चेयरमैन जिलाधिकारी होता है। विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण में आवासीय भूखंडों का नियमन, विकास प्राधिकरण क्षेत्र में होने वाले निर्माण कार्यों के लिए नक्शे पारित करना, आवासीय कालोनी बनाना इत्यादि काम होते हैं। अब जल्द ही नगर पालिका क्षेत्र में मास्टर प्लान लागू होने की उम्मीद है। इसे तैयार कर लिया गया है।
प्रथम योजना नहीं चढ़ी परवान
विकास प्राधिकरण द्वारा शहर में 2008 में बनवारीपुर रोड पर कसहाई में नगरीय निर्बल वर्ग आवासीय योजना में आवासीय भूखंड विक्रय किए जाने की योजना थी। विकास प्राधिकरण को भूखंड खरीदने के लिए पांच करोड़ की धनराशि भी मिली लेकिन उस समय हीलाहवाली के चलते प्राधिकरण भूखंड नहीं ले पाया। अब जहां भूखंड लेना था, वहां जमीन की दरें काफी ज्यादा हो गईं हैं और जगह नहीं मिल पा रही है।
वर्तमान में इस इलाके का सर्किल रेट 14 से 16 हजार रुपये स्क्वायर मीटर है। विभागीय जिम्मेदार बताते हैं कि संबंधित उच्चाधिकारियों को इस संबंध में अवगत करा दिया गया है। अगर विभाग से और बजट मिल जाता है और खरीदारों की सहमति मिल जाती है तो जल्द ही तीर्थ क्षेत्र को जाने वाले बेड़ी पुलिया से सीतापुर मार्ग पर गरीबों को सरकारी दर पर आवासीय भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे।
विशेष विकास क्षेत्र में ये इलाके शामिल
बरमपुर, तरौंहा खास, गढ़ीवा, बनाड़ी, पथरौड़ी, भरथौल, विहारा मजरा, परसौली माफी, रानीपुर खाकी, शिवरामपुर, भंभई, खटहा, चकला राजरानी, कसहाई, बरकोल, बनवारीपुर, नारायणपुर, चंद्रगहना माफी, माली चक, गोबरिया, अमानपुर, कपसेठी, बनकट, बंधोइन, कर्वी माफी, कर्वी मुहाल खास (नगरपालिका में शामिल), सपहा, कोलगदहिया, खोह, सिद्धपुर, मडै़यन, भरतकूप, कटरा गूदर। इनके अलावा नगरपालिका सीमा का क्षेत्र और उससे मिले सीतापुर माफी, संग्रामपुर, खोही, चकभूपत, बंदरकोल, लोहा सरचक, चितरा गोकुलपुर, रानीपुर भट्ट, अहमदगंज, डिलौरा।
26 जून को सचिव की बैठक है। इसमें मास्टर प्लान को लेकर चर्चा होगी। अगर मास्टर प्लान लागू हो जाएगा तो चित्रकूट विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा स्थानों का चयन किया जाएगा। आवासीय भूखंड संबंधी स्कीमों के लिए स्थान चयन भी किया जा सकेगा। इससे जिले का विकास होगा।
- नीलम अहलावत, चेयरमैन चित्रकूट विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण/ जिलाधिकारी