चित्रकूट। मानिकपुर से इरादतगंज के बीच बिछाई जाने वाली तीसरी रेल लाइन के लिए मैपिंग का कार्य शुरू किया जाएगा। इस परियोजना के तहत नई रेल लाइन बिछाने की तैयारी की जा रही है। मैपिंग के लिए आधुनिक डीजीपीएस तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
प्रयागराज-मानिकपुर के बीच 84 किमी लंबी तीसरी रेल लाइन का रेलवे निर्माण कराएगा। यह तीसरी रेल लाइन इरादतगंज-मानिकपुर से शुरू होकर जसरा, लोहगरा, शंकरगढ़ और डभौरा जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से गुजरेगी। अब तक मानिकपुर से जसरा तक के पहले 30 किमी भूमि का काम पूरा हो चुका है। शेष 54 किमी जसरा वाया मानिकपुर के बीच में फाउंडेशन और सिग्नल के कार्य कराए जा रहे हैं।
उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज के सहायक अधिशासी अभियंता (निर्माण) प्रवीण कुमार पांडेय के अनुसार मानिकपुर-इरादतगंज तक तीसरी लाइन बिछाने जमीन की नापजोख की जा रही है। फीता से जमीन नापजोख में गड़बड़ी की संभावनाएं रहती हैं। इसे देखते हुए अब रेलवे डीजीपीएस मशीन इस नई रेल लाइन के लिए मैपिंग की जाएगी। यह तकनीक भू-भाग का सटीक डिजिटल डेटा एकत्र करने में सहायक होती है।
क्या है डीजीपीएस तकनीक
डीजीपीएस (डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) एक उन्नत भू-सर्वेक्षण तकनीक है। यह उपग्रहों से प्राप्त संकेतों को सुधार कर अत्यधिक सटीक स्थिति डेटा प्रदान करती है। यह भूमि की विशेषताओं और मौजूदा संरचनाओं का विस्तृत नक्शा बनाने में मदद करती है। इससे परियोजना की योजना और निष्पादन में त्रुटियों की संभावना कम होती है।
बोले जिम्मेदार
तीसरी रेल लाइन बिछाने के लिए जमीन का नक्शा तैयार किया जाएगा। जमीन सटीक नापजोख के लिए डीजीपीएस मशीन का प्रयोग किया जाएगा।- अभिषेक सिंह, उप मुख्य अभियंता अभियंता निर्माण, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज।