चित्रकूट। सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ओहन पूर्वी शाखा नहर के पुनर्स्थापना और सीमांकन कार्य की परियोजना शुरू की गई है। यह परियोजना नहर के 26.080 किमी हिस्से को कवर करेगी। इससे मानिकपुर क्षेत्र के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और फसल की पैदावार बढ़ेगी।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एसके प्रसाद ने बताया कि मानिकपुर तहसील में ओहन बांध का निर्माण वर्ष 1958-59 में हुआ था। इस बांध से निकलने वाली ओहन मुख्य नहर से ओहन पूर्वी शाखा प्रवाहित होती है। शाखा की लंबाई 26.080 किमी और हेड डिस्चार्ज क्षमता 74.60 क्यूसेक है। पिछले पांच वर्षों में औसत सिंचाई मात्र 985 हेक्टेयर दर्ज की गई, जबकि इसका पीपीए 2152 हेक्टेयर है।
लगभग 50 वर्ष से अधिक समय बीतने के कारण नहर पर बनी कई पक्की संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इनमें हेड रेगुलेटर, एक्वाडक्ट, वीआरबी, फॉल और गुल शामिल हैं। हेड रेगुलेटर और कुलाबा खराब होने से नहर के संचालन में कठिनाइयां आ रही थीं। इसके अतिरिक्त, बाउंड्री और पिलर न होने के कारण नहरी भूमि पर अतिक्रमण की समस्या भी बनी हुई थी।
इस परियोजना के तहत 15 फॉल, 12 वीआरबी और एक एक्वाडक्ट की मरम्मत की जाएगी। साथ ही, 10 फॉल, नौ रेगुलेटर गेट और 86 कुलाबा का पुनर्निर्माण होगा। नहर के पूरे 26.080 किमी हिस्से में नहरी भूमि का सीमांकन कार्य भी किया जाएगा। इन कार्यों से नहर की पक्की संरचनाएं मजबूत होंगी और संचालन व्यवस्थित हो सकेगा। इससे पानी की आपूर्ति सुचारु रूप से खेतों तक पहुंच सकेगी।