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Chitrakoot News: कई सवालों हुए असहज, पर केंद्र सरकार को दी क्लीनचिट

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चित्रकूट। आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत धर्मनगरी में प्रवास के तीसरे दिन संघ के स्थानीय स्वयंसेवकों और दीनदयाल शोध संस्थान के कार्यकर्ताओं से मिले। शाखा में शामिल हुए। स्वयंसेवकों ने अन्ना गोवंशों की हालत और बांग्लादेश में हिंदुओं की दुर्दशा पर सवाल किए। प्लास्टिक व तंबाकू का प्रयोग बंद कराने के लिए फैक्टरी बंद कराने की मांग भी की। कई सवालों पर संघ प्रमुख असहज हो गए। काफी देर बाद इनका जवाब दिया। हालांकि उन्होंने केंद्र सरकार के कामकाज पर संतुष्टि जताई।
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महाकौशल प्रांत के चालकों के वर्ग समापन के बाद बृहस्पतिवार को संघ प्रमुख आरोग्यधाम में पंचकर्म की अंतिम विधा में शामिल हुए। इसके पूर्व सुबह संघ की शाखा वैदेही के सामने लगी। नमस्ते व ध्वज प्रणाम के बाद वहीं पर परिचयात्मक गोष्ठी हुई। संघ प्रमुख ने स्वयंसेवकों का हौसला बढ़ाया। दो घंटे विश्राम के बाद वैदेही परिसर में ही प्रांत के पदाधिकारियों और दीनदयाल शोध संस्थान के सभी प्रकल्पों के प्रमुखों के साथ बैठक की। नानजी देशमुख के समाज शिल्पी, स्वावलंबन व ग्राम विकास के साथ संस्थान में चल रही गतिविधियों की जानकारी ली।
प्रश्नकाल में संघ प्रमुख ने कहा कि जिसके मन में जो सवाल हों, पूछ सकते हैं। एक कार्यकर्ता ने बुंदेलखंड में अन्ना गोवंश की दुर्दशा बताई। इस पर संघ प्रमुख ने कहा कि हर किसान परंपरा के अनुसार दो गाय पाले। इसके गोबर का खाद के रूप में प्रयोग करे। जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा दूध भी मिलेगा। यह मॉडल भारत का रहा है, जिसे दुनिया के कई देश अपना रहे हैं। एक कार्यकर्ता ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार पर भारत सरकार को कड़े कदम उठाकर विरोध दर्ज कराना चाहिए था। इस पर कुछ देर चुप रहने के बाद संघ प्रमुख ने कहा कि केंद्र सरकार ने उचित कदम उठाए हैं। परिणामस्वरूप बांग्लादेश की कार्यवाहक सरकार ने माफी मांगी।
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एक कार्यकर्ता ने कहा कि प्लास्टिक व तंबाकू का प्रयोग बंद करने के लिए इनकी फैक्टरियां बंद होनी चाहिए। इस पर संघ प्रमुख काफी देर तक मुस्कराते रहे फिर कहा कि इनका प्रयोग हम सब बंद कर दें तो समस्या का समाधान हो जाएगा। घर से झोला लेकर बाजार जाएं। इसके लिए स्वयं जागरूक होना होगा। डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन, ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. भरत मिश्रा भी मौजूद रहे।
इनसेट
आश्रमशाला खोलकर आदिवासी बच्चों को करेंगे शिक्षित
संघ प्रमुख ने ग्रामीण व जंगल में रहने वाले बच्चों की शिक्षा के लिए काम करने पर जोर दिया। कहा कि आदिवासी समाज के जो लोग शिक्षा से वंचित है, उन स्थानो पर आश्रमशाला बनाकर कर उनको शिक्षित किया जाए। साथ ही उनके रहन सहन सुधारने पर भी चर्चा की गई।
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इनसेट
सतना रवाना हुए संघ प्रमुख
तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत गुरुवार की दोपहर लगभग सवा दो बजे सड़क मार्ग से सतना रवाना हो गए। वहां से वह जबलपुर जाएंगे।
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