गर्मी आते ही पेयजल संकट बढ़ने लगा है। ग्रामीण क्षेत्र ही नहीं शहर में भी यही हाल है। बच्चे दोपहरी में हैैंडपंप से पानी ढोकर लाते देखे जा सकते हैं। एसडीएम कालोनी और कर्वी माफी में एक सप्ताह से जलापूर्ति बाधित है। कुछ स्थानों पर दूषित पानी आपूर्ति हो रही है। इसके बीच मानिकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत यह हैै कि मरीज और तीमारदार स्वच्छ पेयजल के लिए बाजार से पानी खरीद कर लाते हैं।
सीन नंबर एक-- मुख्यालय के भैरों पागा और बाईपास किनारे रहने वाले लोग पानी के लिए हैंडपंप पर निर्भर हैं। जलापूर्ति बाधित होने से सुबह से हैंडपंपों पर भीड़ रहती है। पानी घर तक लाने के लिए छोटे बच्चे अभिभावकों का हाथ बंटाते हैं। कड़ी धूप के बावजूद बच्चे स्कूल से लौटकर डिब्बों में पानी भरने जाते हैं।
सीन नंबर दो-- मुख्यालय से जुड़ा कर्वी माफी की हालत ज्यादा खराब है। दीपक, बद्रीप्रसाद, रामसेवक, अजय वर्मा और रामभवन आदि ने बताया कि एक सप्ताह से जलापूर्ति बंद है, जिससे सैकड़ों घर के लोग परेशान हैं। हैंडपंप घरों से दूर होने पर पानी ढोने में परेशानी होती है।
सीन नंबर तीन- सर्वाधिक परेशानी मानिकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में है। दिखाने को दो वाटर कूलर व चार हैंडपंप हैं, जिसमें एक वाटर कूलर खराब है दूसरे से गर्म पानी मिलता है। दो हैंडपंप खराब हैं और बाकी दो से गंदा पानी निकलता है। प्रतिदिन अस्पताल में 200से अधिक मरीज हैं, जिन्हें पेयजल के लिए दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
उमरी की प्रसूता राजरानी और खिचरी की ऊषा देवी ने बताया कि दो दिन अस्पताल में रहने के दौरान परिजनों को बाजार से पानी खरीदना पड़ा। अस्पताल परिसर के हैंडपंप से गंदा पानी मिलता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
बोले जिम्मेदार- सीएमओ डा.पीएन गोयल ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं है लेकिन यदि ऐसा है तो जल्द ही साफ पेयजल की व्यवस्था कराई जाएगी। अस्पताल के प्रभारी से जानकारी मांगी गई है।
जलसंस्थान के महाप्रबंधक रतन लाल ने कहा कि पानी के लिए किसी को भटकने नहीं देगे। जल्द ही स्थानीय समस्या का समाधान कराएंगे।