चित्रकूट। जिले में बृहस्पतिवार दोपहर से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शुक्रवार देर रात तक जारी रहा। 36 घंटे में 80 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इससे मंदाकिनी खतरे के निशान से आधा मीटर ऊपर पहुंच गई।
सतना जिले में तेज बारिश का असर मंदाकिनी नदी पर पड़ा है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से रामघाट की सभी सीढ़ियां डूब गई हैं। पहाड़ी इलाकों और मध्य प्रदेश क्षेत्र में 36 घंटे से हो रही लगातार बारिश से मंदाकिनी नदी फिर उफान पर आ गई है। शुक्रवार रात आठ बजे नदी का जलस्तर खतरे के निशान 126.500 मीटर पर पहुंच गया।
बारिश अभी भी जारी है जिससे जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। रामघाट सहित कई घाट जलमग्न हो गए हैं। नदी के किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने शनिवार को भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने सभी विभागों को सतर्क रहने और राहत-बचाव के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है।
राजस्व टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर जलभराव है। नदी किनारे रहने वाले लोगों, दुकानदारों और नाविकों की चिंता बढ़ गई है। नाविक रामलखन केवट ने बताया कि दो दिन पहले ही बाढ़ का पानी उतरा था, दुकानें फिर से लगाई थीं, अब फिर पानी बढ़ने से रोजी-रोटी पर संकट है।
दुकानदार सुनील ने बताया कि सामान हटाने में लगे हैं। पिछले 20 दिनों से बाढ़ की मार झेल रहे लोगों को फिर बाढ़ का डर सता रहा है। बांदकुई से लेकर निचले इलाकों तक लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी के किनारे न जाएं और अफवाहों पर ध्यान न दें। आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से संपर्क करने को कहा गया है।
मौसम वैज्ञानिक अंकुर त्रिपाठी के अनुसार शनिवार को भी तेज बारिश की संभावना है। जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ा, एसडीआरएफ अलर्ट मोड पर
मंदाकिनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) चंद्रशेखर की ओर से चित्रकूट में तैनात एसडीआरएफ के नोडल अधिकारी को तत्काल अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इसमें एसडीआरएफ नोडल अधिकारी उप जिलाधिकारी कर्वी से समन्वय स्थापित कर नदी के मौजूदा जलस्तर और स्थिति की जानकारी लें। टीम को किसी भी आकस्मिक या आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों के साथ पूरी तरह तैयार रखने को कहा गया है।