मध्यप्रदेश व पहाड़ी इलाकों में बारिश से उफनाई मंदाकिनी का वेग रविवार को शांत रहा। नदी का जलस्तर घटने के बाद अब रामघाट पर फैले कीचड़ की सफाई का काम नगरपालिका ने शुरू कराया है। कर्मचारियों के साथ दुकानदार भी सफाई अभियान में जुटे है। वहीं नदी का पानी तरौंहा-डिलौरा मार्ग पर भरा होने से दूसरे दिन भी आवागमन में परेशानी हुई। लोग ट्यूब पर बैठकर नदी पार किए।
मालूम हो कि मंदाकिनी नदी में उफान से बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। छह जुलाई को नदी खतरे के निशान को पार कर गई थी फिर 15 जुलाई को बाढ़ जैसे हालात बने। शनिवार की शाम से नदी के वेग में कमी आई और रविवार को सब कुछ सामान्य नजर आने लगा। अभी भी मंदाकिनी का जलस्तर सामान्य से ज्यादा है। मगर घाट से पानी उतरने से नदी किनारे कीचड़ व गंदगी फैली है।
जिससे तीर्थयात्रियों के आवागमन में परेशानी हो रही है। रामघाट के दुकानदारों ने अपनी दुकानें व्यवस्थित करने के लिए सफाई अभियान शुरू किया है। नगर पालिका के एक दर्जन कर्मचारी भी घाट किनारे की गंदगी साफ करने में जुटे हैं। उधर मंदाकिनी में बाढ़ आने के बाद किनारे बसे तरौंहा-डिलौरा मार्ग पर लगभग तीन फीट पानी भरा है। जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रविवार को ट्यूब के सहारे गांव के वृद्ध लोगों रास्ता पार कराया गया।
बारिश से जहां गांवों में जलभराव है, वहीं बिजली आपूर्ति बंद होने से मुश्किलें बढ़ गईं हैं। रामनगर ब्लाक के पियरियामाफी गांव में दस दिन से अंधेरा है। गांव के सिद्धार्थ पांडेय ने बताया हाईटेंशन लाइन का तार टूटने से एक युवक की मौत हो गई थी। उसके बाद काई लाइन बनाने नहीं आया। जिससे गांव की पूरी आपूर्ति ठप है। इससे जुड़े आधा दर्जन अन्य गांव में भी अंधेरा है।
मोनू मिश्रा ने आरोप लगाया कई बार अधिकारियों को फोन पर जानकारी दी गई। ज्ञापन भी दिया, लेकिन बिजली की लाइन चालू नहीं की गई है। इसके अलावा चकमाली अमानपुर के लोगाें ने आरोप लगाया दस दिन पहले लगाया गया नया ट्रांसफार्मर तीन दिन में खराब है। जिससे एक सैकड़ा घरों में बिजली की आपूर्ति ठप है। इससे बारिश के दिनों में परेशानी हो रही है। गांव के गौरेंद्र कुमार, रोहित, दीपेश, महेश, विपिन, जितेंद्र, गिरजा शरण, नवल, पवन, धीरेंद्र, रामकिशोर, जुगुल, अयोध्या, राजकुमार, योगेंद्र व उमेश आदि ने डीएम को लिखे पत्र में नया ट्रांसफार्मर लगवाने की मांग की है।