चित्रकूट/खोही। लॉकडाउन के दौरान तीन माह में मंदाकिनी नदी से 65 हजार बोरियां तथा कई ट्रक मलबा बाहर निकाला जा चुका है। बारिश के चलते काम बंद होने पर बुंदेली सेना ने जलशक्ति मंत्री से अभियान जारी रखने की मांग की है।
रामघाट के विस्तार के लिए मतगजेंद्रनाथ मंदिर से बूढ़े हनुमान मंदिर तक मिट्टी व बालू की लाखों बोरियां मंदाकिनी में लगाई गई थीं। काम पूरा होने के बाद ठेकेदार ने सारी बोरियां नहीं निकलवाईं लाखों बोरियां पानी में छोड़ दीं। आरोप लगाया कि बनारस के ठेकेदार ने तत्कालीन सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता से सांठगांठ करके भुगतान करा लिया। एक साल पहले बुंदेली सेना ने नदी की सफाई की मांग को लेकर मांग करना शुरू किया।
सदर विधायक चंद्रिका प्रसाद घाट पर सफाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे। प्रशासन के निर्देशों के बाद सिंचाई विभाग ने सफाई अभियान शुरू किया। सिंचाई विभाग के सहयोग में रामघाट के पर्णकुटी मंदिर के पुजारी बच्चू महाराज मतगजेंद्रनाथ मंदिर के व्यवस्थापक प्रदीप तिवारी, महंत वरुण अवस्थी, भाजपा नेता आनंद सिंह पटेल, समाजसेवी अरुण गुप्ता आदि ने भी योगदान दिया। बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह से कहा कि फाटक बंद होने तक अभियान जारी रखा जाए। ताकि तलहटी तक नदी की सफाई सके। घाट के ठेकेदार ने केवटरा गांव के 35 मजदूरों की 1.70 लाख रुपये की मजदूरी का भुगतान नहीं किया है। उन्होंने जल्द भुगतान की मांग की।