भक्तिगीत गाती लोकगीत गायिका मालिनी अवस्थी
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धर्मनगरी में जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर लोकगीत गायिका मालिनी अवस्थी के मधुर भक्ति व लोकगीतों पर दर्शक रात भर डटे रहे और जमकर झूमे।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर पद्मश्री लोकगीत गायिका मालिनी अवस्थी की मधुर आवाज गूंजी। उन्हाेंने चित्रकूट के रामघाट और गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरित मानस के दोहों से शुरुआत की। जैसे ही उन्होंने ...चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीर और रामसिया राम-सियाराम जय जय राम की धुन पर गाना शुरू किया तो श्रोता झूम उठे। इसके बाद भोजपुरी व बुंदेलखंडी लोकगीतों से श्रोताआें को मन मोहा। पूरे कार्यक्रम में अवधी गीत ...ललनी हो अइहे नइहर तो लागे सुंदर और रेलिया बैरन पिया को लिए जाए रे के गीतों पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाई।
इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति स्वामी रामभद्राचार्य, कुलपति प्रो. योगेश चंद्र दुबे, बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष प्राची चतुर्वेदी, डा. गीता देवी, रणवीर सिंह चौहान, गिरजा शंकर दुबे, नीलांशु चतुर्वेदी, एसपी मिश्रा, डा. देवेंद्र त्रिपाठी व राकेेश तिवारी आदि रहे।