श्रीराम यज्ञ और रामचरित मानस पाठ के दौरान मौजूद भक्तगण।
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धर्मनगरी के श्रीधरधाम आश्रम में सनातन धर्म एवं संस्कृति के जरिए विश्व कल्याण के लिये किये जा रहे महायज्ञ में गुरुवार को संतों ने रामचरित मानस से जुड़े प्रसंगों को सुनाया। जिसमें कहा गया कि यज्ञ करने से न केवल पर्यावरण शुद्घ होता है। बल्कि वातावरण अध्यात्मिक हो जाता है।
श्रीराम महायज्ञ में चर संप्रदाय के महंत फु ल्डोलदास महराज, महंत अयोध्याचार्य, महंत औलिया बाबा, महंत ब्रजमोहन दास, महंत रामकृष्णदास और महंत चंद्रमा दास सहित अनेकों संतों ने प्रवचन सुनाए। संतों ने कहा कि एक लाख पैंसठ हजार महामंत्र की आहुति देने पर ही महायज्ञ पूर्ण होता है और इस महायज्ञ मे नौ दिनों में एक लाख पैंसठ हजार आहुतियां प्रदान की जायेंगी। यज्ञ समाज एवं संस्कृति के उत्थान के लिये किया जा रहा है
जिससे पर्यावरण की शुद्धि एवं आध्यात्मिक जागरण होगा। महायज्ञ में पंजाब से आये स्वामी कृष्णानंद द्वारा अनाथ गायों की रक्षा हेतु कीर्तन किया जा रहा है जिसका मुख्य उद्देश्य चित्रकूट धाम मे एक विशाल अनाथ गौ अभयारंभ स्थापित हो सके जिसमें अनाथ गायों की सेवा हो सके।
शाम को गुजरात से आये भक्त मंडली द्वारा डांडिया रास का भव्य प्रदर्शन किया गया। कार्यक्त्रस्म के आयोजक यज्ञकर्ता स्वामी माध्वाचार्य द्वारा महायज्ञ में सभी को अनवरत महाप्रसाद प्रदान किया। पंजाबी भगवान आश्रम के महंत राजकुमार दास आदि थे।