डकैतों ने सोमवार सुबह भरतकूप पुलिस चौकी क्षेत्र में एक प्राइवेट कंपनी के निर्माण स्थल पर तैनात निजी सुरक्षाकर्मियों को बंधक बनाकर तीन दोनाली लाइसेंसी बंदूकें व 71 कारतूस लूट लिए।
मारपीट कर दो मोबाइल व लगभग डेढ़ हजार की नगदी भी लूट ली। इस बाबत पुलिस अधीक्षक केके चौधरी का कहना है कि यह काम डकैतों के नए गैंग राजा नगनेधी या बेटा यादव गिरोह का हो सकता है, जो अक्सर ऐसी वारदातें करते हैं। पुलिस इनकी तलाश में जुट गई है। उन्होंने वारदात में डकैत शिवा पटेल या गौरी यादव गैंग का हाथ होने की आशंका से भी इंकार नहीं किया।
सोमवार तड़के गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड के निर्माण स्थल पर बने सुरक्षाकर्मियों के कमरे में आधा दर्जन डकैतों ने धावा बोला। उसी समय शौच को निकले सुरक्षाकर्मी बच्चीलाल, पप्पू सिंह (निवासी भैरोंपुर रैपुरा) को बंधक बना लिया।
इन्हें असलहों के बल पर कमरे तक लाए। यहां मौजूद अन्य सुरक्षाकर्मी जब तक सतर्क हो पाते, डकैतों ने उन्हें भी असलहों से कवर कर लिया और तीन दोनाली बंदूकें व 71 कारतूस लूट ले गए।
इस दौरान विरोध करने पर बच्चीलाल व पप्पू की पिटाई भी की और दो मोबाइल व लगभग डेढ़ हजार नगदी भी छीन ली। सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि कुल छह कर्मचारी ड्यूटी पर थे। एक साथी अवकाश पर था। कमरे में कुल तीन बंदूकें रखी थीं। डकैतों के जाते ही सुरक्षाकर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। असलहे लुटे जाने की जानकारी होते ही पुलिस विभाग में खलबली मच गई।
डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी, पुलिस अधीक्षक केके चौधरी व अपर पुलिस अधीक्षक आरडी चौरसिया फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे और सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ की। सुरक्षाकर्मी बच्चीलाल की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने भी माना है कि घटना किसी डाकू गैंग का है। असलहे की जरूरत तो डाकुओं को ही रहती है।