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Chitrakoot News: भूत प्रेत संग शिव जी खेले रंग पिचकारी

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चित्रकूट। तुलसी साहित्य अकादमी ने भाभा कांवेंट स्कूल में कवि सम्मेलन का आयोजन किया। जिसमें कवियों ने होली के हुड़दंग व राष्ट्र प्रेम को लेकर कविताएं प्रस्तुत की।
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कवि रामलाल द्विवेदी ने कहा कि निर्मल जल मन ही चढ़ता हर रंग होली भरी उमंग। राष्ट्र प्रेम रंग चटक हो इतना जिसमें चढे़ न दूजा रंग। शिवदत्त त्रिपाठी ने कहा कि भूत प्रेत संग शिव जी खेले रंग पिचकारी। हरिराम गुप्ता भेदभाव को भुलाकर खेलों होली। कवि राजेश तिवारी ने कहा कि मक्खन चुंबन गाओ लाल गुलाल, सखी मैं कहतन मैं शर्माऊ, राजेंद्र शर्मा रंग बिरंगे फूल खिले हैं बगिया और बागानों में।
रमेश चंद्र योगा ने फगुवा होली प्रेम की बोली, होली का हुड़ दंग कविताएं पढ़ी। इस मौके पर कवि उदयभान त्रिपाठी, रामगोपाल, नेमा सिवानी, सत्यनारायण तिवारी, रेवती सिवानी, शेखर पाठक आदि कवि रहे। कार्यक्रम संयोजक डॉ मनोज द्विवेदी ने सभी का स्वागत किया।
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