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Chitrakoot News: लोकेशन गिरोह के सदस्यों को सत्ता पक्ष का संरक्षण

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चित्रकूट। बांदा में एसडीएम और भाजपा समर्थकों में विवाद के बाद से खनिज सामग्री लदे वाहनों की पड़ताल का काम सुस्त हो गया है। ऐसे में अवैध व ओवरलोडिंग करने वालों के हौसले बढ़े हैं। आरोप है कि ऐसे लोगों को प्रदेश में सत्ताधारी सरकार के जनप्रतिनिधियों का सरंक्षण रहता है। खनिज सामग्री भरे ट्रकों के चालकों को लोकेशन गिरोह अधिकारियों के आने-जाने की पल-पल में खबरें मोबाइल से देते रहते हैं। इसमें खनन माफिया के गुर्गे के साथ विभागीय कर्मचारी भी शामिल हैं। कई बार लोकेशन देने वालों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है। इधर कई दिनों से कार्रवाई नहीं करने से इनके हौसले बढ़े हैं। जिले में भरतकूप क्षेत्र पत्थर खनन का कारोबार चलता है। गिट्टी की ढुलाई सैकड़ों ट्रक रोजाना करते रहे है। ज्यादातर ट्रक राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कर्वी पहाड़ी मार्ग से जाते हैं। इन डंपरों में मानक से अधिक खनिज सामग्री भी होने के साथ कुछ डंपरों में रवन्ना के कागजातनहीं होते है। कुछ ट्रक तो बिना नंबर की चलते हैं। कोई अधिकारी इन डंपरों को पकड़ न ले इसके लिए प्रमुख चौराहे में लोकेशन गैंग के सदस्य बैठे रहते है। माकपा के जिला सचिव रुद्र प्रसाद मिश्रा ने आरोप लगाया कि सत्ता के जन प्रतिनिधियों का ऐसे लोगों को संरक्षण रहता है। जिससे वह सब बेखौफ अवैध खनन व ओवरलोड़िग करते हैं। बांदा, नरैनी व चित्रकूट में कई बार ऐसे विवाद हुए जिसमें हर बार सत्ता के जनप्रतिनिधि ऐसे लोगों को बचाने आगे आतेहैं।
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अधिकारियों पर भी कई बार लगे जबरन वसूली के आरोप
चित्रकूट। बांदा में बालू लदे वाहनों को लेकर हुआ विवाद कोई नया नहीं है। चित्रकूट जिले में भी खनिज, एआरटीओ व पुलिस पर जबरन वसूली और परेशान करने के आरोप लग चुके हैं। जिला खनिज अधिकारी सुधाकरण सिंह पर भरतकूप शिवरामपुर मार्ग पर छह माह पूर्व डंपर वालों ने जबरन वसूली के आरेाप लगाए थे। इसमें ग्रामीणों ने अधिकारियों के वाहन को घेरकर पथराव किया था। इसी मार्ग के अलावा राजापुर मार्ग पर एआरटीओ विवेक शुक्ल पर भी वाहन चालकों व मालिकों ने जबरन वसूली करने के आरोप लगाए थे। इसमें मारपीट के वीडियो भी वायरल हुए। इसके अलावा शहर के धनुष चौराहे पर भाजपा के एक नेता के बिना नंबर व विशेष कोड वाले बालू लदे डंपर से वसूली को लेकर पुलिस व एक संगठन के कार्यकर्ताओं से मारपीट तक हुई थी।
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