संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। जिले में पिछले दो दिनों से मौसम खराब बना हुआ है, जिससे किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं। शुक्रवार को कुछ गांवों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई, जिससे सरसों और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।
आकाश में बदली छाई हुई है और तापमान में भी गिरावट आई है। इस समय खेतों में सरसों, चना और गेहूं जैसी फसलें लगी हुई हैं। सरसों और चना की फसलों में दाने पड़ चुके हैं, जो पकने की स्थिति में हैं। देवांगना घाटी के पास ददरी, बड़ी मडैयन और सपहा जैसे गांवों में शुक्रवार सुबह हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। ददरी गांव के किसान महेश यादव और हेमंत सिंह ने बताया कि यदि तेज बारिश हुई तो तैयार फसलें खराब हो जाएंगी। बालापुर के किसान कमलेश कुमार सिंह ने भी सरसों की फसल को बारिश से नुकसान होने की आशंका जताई है।
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इनसेट
सरसों चना की फसल में सिंचाई नहीं करें
चित्रकूट। गनीवां कृषि फार्म के वैज्ञानिक अंकुर त्रिपाठी कहना कि सरसों चना, मटर, मसूर की फसल में अभी सिंचाई नहीं करें। खेत में जल निकासी के लिए रास्ता बना दें। पशुओं को सुरक्षित स्थानों में रखें। खुले स्थान में रखी वस्तुओं व अनाज को सुरक्षित स्थानों पर रखें। पौधों का सहारा देने के लिए मिट्टी चढ़ाएँ। बताया कि 22 फरवरी तक आकाश में बदली छाई रहेगी। हल्की बूंदा बांदी हो सकती है। तेज बारिश होने की संभावना नहीं है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 17 व अधिकतम तापमान 26 डिग्री रहा।