चित्रकूट। जिले के कोषागार घोटाला मामले की जांच दो माह से अधिक समय से चल रही है। कई बार आरोपियों बिचौलियों व विभागीय अधिकारियों के लेनदेन का डाटा व बैंक खाता का विवरण न मिलने से जांच की दिशा बार- बार बदल जाती है। ऐसे में पुलिस विभाग ने फिर से ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) को पत्र लिखा है। इसके लिए एसआईटी फिर से कोषागार विभाग पहुंची और अपनी फाइलों के रिकार्ड में 50 उन फाइलों के आंकडों का मिलान कराया जिसका डाटा बार-बार बदल रहा है।
43.13 करोड़ के पेंशन व एरियर घोटाला मामले कोषागार विभाग की जांच के बाद अब एसआईटी की जांच जारी है। 73 पेंशनर व बिचौलियों के बैंक खाते का विवरण बार-बार न मिलने पर टीम ने लखनऊ के साइबर सर्वर व सांख्याकि विभाग से आंकडों का मिलान कराया गया। इसके बाद भी अभी 50 खातों का मिलान सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। खासकर मृतकों के नाम से संचालित खातों को लेकर विभागीय व एसआईटी की टीम ज्यादा परेशान है। सोमवार को एसआईटी की टीम कोषागार विभाग पहुंंची। विधानसभा में मामला उठने के बाद अब एसआईटी ने कोषागार विभाग के अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा है कि जो भी रिकार्ड अभी तक नहीं दिए गए हैं उन्हें जल्द उपलब्ध कराएं अन्यथा अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जांच सही दिशा में है। इसके लिए आर्थिक अपराध शाखा को पहले भी पत्र लिखा गया था। अब दोबारा भी पत्र भेजा गया है। यह जांच एजेंसी पुलिस विभाग की ही टीम है जो धोखाधड़ी, गबन, मनी लॉन्ड्रिंग, साइबर अपराध जैसे बड़े आर्थिक और वित्तीय घोटालों की जांच करती है।