चित्रकूट। अगहन की अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में आस्था की डुबकी लगाई। भगवान कामदनाथ के दर्शन कर परिक्रमा लगाई। साथ ही धर्मनगरी क्षेत्र के विभिन्न तीर्थ स्थानों का दर्शन किया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए यूपी और एमपी के प्रशासनिक अधिकारी ड्यूटी पर तैनात रहे।
अगहन की शनिचरी अमावस्या पर श्रद्धालुओं में उत्साह था। श्रद्धालुओं ने शनिवार की सुबह रामघाट पहुंचकर मंदाकिनी नदी में स्नान किया। भगवान कामता नाथ के दर्शन कर रबी की फसल की अच्छी पैदावार की कामना की। पंचकोसी परिक्रमा कर धर्मनगरी क्षेत्र के तीर्थ स्थान जानकीकुंड, सती अनुसइया आश्रम, स्फटिक शिला, गुप्त गोदावरी आदि स्थानों के दर्शन किए।
सुबह से गुलाबी ठंड में श्रद्धालुओं का आगमन और स्नान चलता रहा, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। इसके पीछे कोरोना की नई लहर की आशंका और इन दिनों खेती किसानी के काम चलने का कारण बताया जा रहा है। चरखारी के दिनेश कुमार और कौशांबी के नीरज ने बताया कि हम रबी की अच्छी पैदावार की कामना करने आये हैं।
कोरोना काल को देखते हुए एक स्थान पर अधिक भीड़भाड़ न हो, इसके लिए बैरिकेडिंग भी कुछ स्थानों पर लगाई गई। श्रद्धालुओं से एक स्थान पर एकत्र न होने की अपील भी की। कर्वी, सीतापुर कस्बे में प्रमुख सड़कों व गलियों में अतिक्रमण होने से श्रद्धालुुओं को समस्या भी हुई।
डीएम के कई बार कहने के बाद भी मेला क्षेत्र, कस्बों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास प्रमुख स्थलों पर अलाव का इंतजाम नहीं किया गया। रात और सुबह की सर्दी में कई श्रद्धालु परेशान हुए।
अमावस्या पर परिवार के साथ स्नान करने आए कौशांबी के अकिल सराय के ईछना निवासी अरविंद दुबे ने बताया कि उनकी टवेरा चोरी हो गई है। बताया कि शुक्रवार की रात नयागांव मप्र के कामद्नाथ द्वितीय मुखार बिंद के मार्ग पर वाहन निर्धारित स्थान पर खड़ा कर परिक्रमा लगाने गये। लौटकर आने पर टवेरा गायब थी।
आसपास के सीसीटीवी फुटेज में देखा गया तो रात लगभग दो बजे टवेरा के कांच तोड़कर लॉक तोड़ते कुछ युवक दिखे वही वाहन ले गए हैं। थाने में तहरीर दी गई है। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व ही इसी क्षेत्र से एक तीर्थयात्री का चार पहिया वाहन चोरी हो चुका है।
फोटो-11- अगहन माह की अमावस्या पर मत्तगजेंद्रनाथ स्वामी का जलाभिषेक करते श्रद्घालु। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT