प्रशिक्षण मिलने के बाद प्रमाण पत्र लेकर जानकारी देते कारीगर
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चित्रकूट। एक जिला एक उत्पादन योजना के तहत सरकार कारीगरों को प्रशिक्षण देकर प्रोत्साहित कर रही है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से सरकार की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है।
क्षेत्र के कारीगरों ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि प्रशिक्षण के दौरान सभी को 20 हजार रुपये के औजार उपलब्ध कराने का वादा किया गया था, लेकिन फावड़ा व गैती देकर प्रशिक्षण खत्म कर दिया गया।
लकड़ी के खिलौना बनाने वाले कारीगर राजू, मिथलेश, आनंद, महेंद्र राम, गोविंद, रामभरोसा, अनिल व माता प्रसाद ने बताया कि पिछले साल उन्हें एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत खिलौने बनाने का प्रशिक्षण दिया गया था।
कहा गया था कि प्रशिक्षण के बाद उन्हें 20 हजार रुपये तक के औजार व उपकरण और दो हजार रुपये दिए जाएंगे। लेकिन उन्हें मात्र फावड़ा व गैती ही दिया गया। कुछ कारीगरों के खाते में दो हजार रुपये डाले गए हैं। कारीगरों ने डीएम से मामले की जांच करा कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में उद्योग विभाग के उपायुक्त एसके केसरवानी ने कहा कि सरकार ने उपकरण देने की योजना इस साल शुरू की है। पिछले साल तक यह योजना नहीं थी। अब प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।