जिला अस्पताल में फिर मानवीय संवेदनाओं को हिला देने वाली तस्वीर सामने आई। बीमारी से मरे बच्चे का शव गोद में लेकर परिजन रोते हुए पैदल गए। उन्हें गांव जाने तक शव वाहन तक नहीं मिला। करीब दो किलोमीटर जाने के बाद मां ने मायके फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद बाइक पर बैठकर जिगर के टुकड़े को लेकर रवाना हुई।
जानकारी के अनुसार मऊ के पाली परदवंा निवासी राधेश्याम मिश्रा का परिवार मऊ कस्बे के पास किराये के मकान में रहता है। बुधवार की शाम को ढाई साल के पुत्र अभय मिश्रा को अचानक उल्टी दस्त और बुखार की शिकायत हुई। मां मंजू देवी प्राइवेट अस्पताल ले गई। उसने बताया कि कुछ दवाएं देने के बाद डाक्टर ने उसे जिला अस्पताल ले जाने को कहा। इस पर वह मायके (अहिरी गांव) से पिता लाला मिश्रा की मदद से किसी तरह पुत्र को लेकर रात 10 बजकर 46 मिनट पर जिला अस्पताल पहुंची।
इमरजेंसी में अभय को भर्ती कर रात को ही वार्ड नंबर- चार में भेज दिया गया। मंजू ने आरोप लगाया कि रात को पुत्र की हालत बिगड़ने पर स्टाफ और डाक्टर के पास पहुंची तो डांटकर भगा दिया। गुरुवार को सुबह तड़के फिर इलाज करने को कहा तो कहीं और ले जाओ, अन्यथा बच्चों वाले डाक्टर आएंगे तो वहीं देखेंगे। महिला ने बताया कि पुत्र की हालत बेहद गंभीर हो गई थी। जिसे लेकर वह वार्ड से बाहर आए तो उसकी मौत हो गई।
इसके बाद वहां मौजूद स्टाफ व अन्य लोगों से एंबुलेंस दिलाने या अन्य मदद मांगते रहे लेकिन किसी ने नहीं सुनी। किसी तरह पुत्र को लेकर अस्पताल गेट तक पहुंची तो अन्य कोई साधन भी नहीं मिला। वह पुत्र की लाश सीने से लगाकर पिता के साथ पैदल ही बस स्टैंड की ओर चली आई। चौराहे पर भी कोई साधन नहीं मिला तो मायके फोन कर बाइक मंगवाई। बाइक से वह मऊ पहुंची। शाम को पुत्र का अंतिम संस्कार कराया।
इस मामले में सीएमएस डा. एनके गुप्ता ने बताया कि ऐसा कोई प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं आया है। किसी ने शव वाहन नहीं मांगा है। ऐसे किसी बालक की मौत की भी सूचना नहीं है। अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने इतना बताया कि किसी छोटे बच्चे की मौत की जानकारी नहीं है। 16 अगस्त की रात को मऊ के ढाई वर्षीय अभय को बीमारी अवस्था में भर्ती किया गया था। उसका इलाज तो कराया गया है लेकिन वह 17 अगस्त को अपने वार्ड व बेड़ में नहीं है। उसके परिजन बिना बताए उसे कहीं ले गए हैं।
बुखार से महिला की मौत, छह भर्ती
इसके अलावा जिला अस्पताल में गुरुवार की दोपहर को बुखार पीड़िता तरौंहा निवासी ताराबाई (60) पत्नी राजेंद्र को भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि उसे बुखार था, जिसका जानकीकुंड अस्पताल में भी इलाज कराया गया था। परिजन शव वाहन से शव घर ले गए और पुलिस सूचना नहीं दी है। इसके अलावा कपसेठी की अंजली पुत्री बुद्धू, बछरन निवासी कुशल पुत्र शंभू, कर्वी माफी निवासी कमला पत्नी मणिशंकर,सोनेपुर निवासी गुडिया पुत्री राजाराम, गढीवा निवासी रामलाल पुत्र शंकर व बरकोट निवासी कामता पुत्र पन्नालाल को बुखार की शिकायत पर भर्ती कराया गया है।