चित्रकूट। दिल्ली एम्स के डॉक्टरों की टीम ने जिन 30 बच्चों का चित्रकूट में मेडिकल किया था, उसमें से कुछ बच्चों में गंभीर रोग के लक्षणों के चलते जांच की गई। अब अटकलें भी लगाई जा रहीं कि कहीं जेई भी रोग से पीड़ित तो नहीं है। सीबीआई की मौजूदगी में एम्स के डॉक्टरों ने जेई रामभवन के यौन उत्पीड़न के शिकार बच्चों का मेडिकल किया था। सभी बच्चों के ब्लड की जांच की गई है। सूत्रों के अनुसार कुछ बच्चों में गंभीर रोग के लक्षण देखते हुए जांच कराई जा रही है।
दो दिनों तक एम्स के डॉक्टरों से 30 बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद सीबीआई टीम के चार सदस्य शनिवार को एसडीएम कालोनी पहुंचे। इसके अलावा रसिन व सिंचाई विभाग के आसपास की बस्ती में भी जाकर कई अभिभावकों से मिले।
क्षेत्र में जेई के शिकार छह और बच्चों के होने की जानकारी सीबीआई के पास है। गौरतलब है कि चित्रकूट बांदा जिले के 30 चिह्नित बच्चों का सीबीआई ने दिल्ली एम्स के पांच डॉक्टरों से मेडिकल परीक्षण कराया है। इन बच्चों के बाबत सीबीआई अफसरों ने गुप्त रूप से जानकारी जुटाई है। सीबीआई अफसरों ने शक होने पर बच्चों के अभिभावकों के घर जाकर सुरक्षा व अन्य तरह का भरोसा दिया है।
यह भी कहा कि घिनौने व हैवानियत का काम करने वाले जेई व उसके सहयोगियों का पर्दाफाश किया जाएगा। शहर के एसडीएम कालोनी शोभा सिंह का पुरवा, कालपुर के अलावा सिंचाई विभाग कार्यालय के आसपास की बस्तियों में जाकर सीबाआई के अफसरों ने लोगों से बातचीत की।
माना जा रहा कि अभी इसी क्षेत्र के कई और बच्चे भी सीबीआई की जद में आ सकते हैं। अब तक यही सामने आया है कि शहर के आसपास की ग्रामीण बस्तियों के बच्चों को ही जेई ने अपना शिकार बनाया है। सीबीआई टीम महोबा व हमीरपुर समेत बांदा के सिंचाई विभाग की साइट से सटे गांव की भी जानकारी जुटा सकती है।