चित्रकूट/भरतकूप। खदानों व क्रशर मिल में दिन-रात पत्थर तुड़ान हो रहा है। जेसीबी व पोकलैंड से पहाड़ों पर पत्थर का तुड़ान कर मशीन से ही ट्रकों में पत्थर लोड़ किए जा रहे हैं। वहीं जिला प्रशासन किशोरियों से मजदूरी के बदले यौन शोषण के आरोप की जांच करा रहा है। जांच अभी पूरी नहीं हुई है। कई क्रशर मालिक और कथित समाजसेवी पत्थर पट्टाधारक रातोंरात लाखों रुपये के माल का आवागमन कर रहे हैं। यह अधिकारियों को जांच से मजदूरों के न आने से बंदी की बात कह कर गुमराह कर रहे हैं। इस तरह लाखों रुपये के राजस्व को क्षति पहुंचाई जा रही है।
कुछ दिन पहले कई क्रशर व खदान संचालकों ने डीएम को ज्ञापन देकर बताया था कि काम बंद चल रहा है। इससे लॉकडाउन के बाद से आमदनी नहीं हो रही है। मजदूर काम पर नहीं आ रहे हैं। इनमें कई कथित समाजसेवी क्रशर मालिक मौजूद थे। इधर गाेंडा व अकबरपुर के ग्रामीणों ने बताया कि रात भर खदानों में मशीनों से पत्थर तुड़ाई होती है। क्रशर भी चलते हैं। जिला प्रशासन की आंख में धूल झोंकी जा रही है। यह सही है कि मजदूरों की संख्या कम है। पहाड़ों पर जेसीबी और पोकलैंड से काम हो रहा है। एक रात में 50 ट्रक पत्थर का ढुलान होता है।
इस मामले में भरतकूप थाना प्रभारी संजय उपाध्याय ने बताया कि जिला खनिज विभाग जब कहता है, कार्रवाई की जाती है। दिन-रात पत्थर तुड़ान और क्रशर संचालन की जानकारी नहीं मिली है।