चित्रकूट। हिंदू एकता महाकुंभ में 14 दिसंबर को प्रस्तावित कलश यात्रा (शक्तिवंदना) निकलेगी। आयोजन में सैकड़ों महिलाएं शामिल हाेंगी। बुधवार को समाजसेवी ऊषा जैन की अध्यक्षता में रघुवीर मंदिर ट्रस्ट जानकीकुंड परिसर में बैठक हुई।
तय हुआ कि कलश यात्रा में वनवासी राम, लक्ष्मण, सीता और निषादराज की झांकी, भारत माता की झांकी, संत चर्चा की झांकी, आचार्यों की झांकी, जगद्गुरु की झांकी और आदि शक्ति की झांकी रहेंगी। सभी झांकियों के मध्य तीन-तीन सौ महिलाएं सिर पर कलश रखकर पदयात्रा करेेंगी। कलश यात्रा रामघाट से शुरू होकर कार्यक्रम स्थल (बेड़ी पुलिया) रानीपुर भट्ट तक चलकर कलश स्थापना के साथ समाप्त होगी।
कार्यक्रम संयोजक आचार्य रामचंद्र दास ने बताया कि कार्यक्रम के प्रथम पंक्ति में हाथी व घोडे़ डंका निशान संतों की उपस्थिति, उसके बाद जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचर्य की झांकी, इसके बाद अनेका-अनेक साधु संत व पांच झांकियां कलश के साथ निकलेंगी।
बैठक में भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष दिव्या त्रिपाठी, राजेश्वरी द्विवेदी, सुनीता श्रीवास्तव, संध्या पांडेय, संजुला पांडेय, उमा शक्ति, अंजू वर्मा, डा. सचिंद्र उपाध्याय, बृजेश रावत ने रामयणीकुटी के महंत रामहृदय दास के समक्ष अभी तक की तैयारियों को सामने रखा। डा.बी के जैन ने आयोजन समिति को कुछ सुझाव भी दिया। उन्होंने रामहृदय दास को संत समाज के एकत्रीकरण में महत्वपूर्ण योगदान के लिये सम्मानित भी किया।