चित्रकूट। क्षेत्र को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर के रूप में मान्यता दिलवाने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई चित्रकूट दर्शन यात्रा बुधवार को जिले की सीमा से सटे मप्र के ब्रजपुर गांव पहुंची। यहां दूर तक फैले विशाल वन प्रांत के बीच लंबी गुफाओं और जलकुंडों वाले क्षेत्र का नजारा देखते ही बनता है। आदिमानवों की निवास स्थली रहा यह इलाका आज भी निर्जन और बियावान होने के चलते प्राकृतिक सुन्दरता से भरपूर है।
यात्रा में शामिल टीम के सदस्यों ने बृहस्पति कुंड के बारे में अपने अनुभव बताए। जिसमें यात्रा संयोजक संतोष बंसल ने बताया कि यह स्थान पौराणिक कथाओं की वजह से तो महत्वपूर्ण है ही प्रकृति ने भी इसे अपना असीम प्यार दुलार देकर ख़ूबसूरती प्रदान करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोडी है। सैकड़ों फीट ऊंचाई से गिर रहे जल प्रपातों और विशाल चट्टानों के नीचे से गुजर कर जाने के रोमांच का अनुभव कराने वाले कई सौ मीटर लंबे मार्गों वाले इस स्थान में आने का मजा ही निराला है। यहां आदिमानवों द्वारा बनाए गए शैलचित्रों की भी बहुतायत है। यात्रा में शामिल यात्रियों ने पवित्र वातावरण में प्रकृति की असीम सुंदरता के बीच रात्रि विश्राम का आनंद उठाया।