भगवान श्रीराम की तपोभूमि में रामभक्त हनुमान की जयंती शनिवार को धूमधाम से मनाई गई। पूरे तीर्थक्षेत्र में मठमंदिरों में विशेष पूजन-आरती और भंडारे के आयोजन हुए।
शनिवार को चंद्रग्रहण की वजह से ज्यादातर मंदिरों के पट बंद रहे। शाम को 7 बजे चंद्रग्रहण खत्म होने के बाद मंदिरों के पट खुले। इसके बाद दर्शनार्थियों की भीड़ लग गई। नांदी के हनुमान जी, बरहा के हनुमान जी, लाइना बाबा सरकार, बूढ़े हनुमान जी, हनुमान धारा, पंपासुर, काली देवी मंदिर स्थित हनुमान मंदिर समेत अन्य जगहों में भक्तों ने पवन सुत की पूजा की।
इसके अलावा मऊ क्षेत्र के बरियारी कलां, मानिकपुर क्षेत्र के अमरावती आश्रम, पहाड़ी रोड के सिंघनिया बाबा आश्रम आदि प्रमुख प्राचीन मंदिरों और परिक्रमा परिक्षेत्र के विभिन्न हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक आयोजन हुए। खोही के बाल व्यास बृजेंद्र शास्त्री ने बताया कि हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना का विशेष फल भक्तों को प्राप्त होता है।