चित्रकूट। भगवान श्रीराम की कर्म भूमि धर्मनगरी चित्रकूट को उनकी जन्मस्थली अयोध्या में बनने जा रहे मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में खास महत्व दिया गया है। जहां-जहां राम के पग पड़े, वहां की मिट्टी और जल पूजन कार्यक्रम के लिए ले जाया जाएगा। ऐसे 10 स्थान चुने गए हैं। विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ता इसके लिए जुट गए हैं।
अयोध्या में पांच अगस्त को श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन का कार्यक्रम है। श्रीराम की कर्म भूमि के तीर्थ स्थान रामघाट, सती अनुसुइया आश्रम, भरतकूप, गुप्त गोदावरी, स्फटिक शिला, कामदनाथ, हनुमान धारा, सरभंग आश्रम, धारकुुंडी, मारकुंडी तीर्थ स्थानों की मिट्टी और जल अयोध्या जाएगा। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। विश्व हिंदू परिषद चित्रकूट मप्र इकाई के जिला उपाध्यक्ष दुर्गेश तिवारी, प्रखंड संयोजक राजू त्रिपाठी, नगर संयोजक सिद्धार्थ द्विवेदी व स्थानीय कार्यकर्ता शुभम राय ने बताया कि चुनिंदा तीर्थ स्थलों की मिट्टी और जल संग्रह करने के निर्देश मिले हैं। तीन अगस्त तक यह काम पूरा कर विहिप कार्यकर्ता अयोध्या रवाना होंगे।
अयोध्या के श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में चित्रकूट को महत्व देने पर यहां के साधु, संतों ने खुशी जाहिर की है। महंत दिव्यजीवन दास, महंत सनकादिक महाराज, महंत ओमकार दास, भागवत पीठ के संत नवलेश दीक्षित ने खुशी जाहिर की है। इनका कहना है कि भगवान श्रीराम वनवास काल में यहां के कई प्राचीन तीर्थ स्थानों पर ठहरे थे। श्रीराम का चित्रकूट से बड़ा नाता रहा है। अयोध्या में मंदिर निर्माण होने से वह खासे खुश हैं।