चित्रकूट में जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय में बुधवार को दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुलाधिपति जगदगुरु रामभद्राचार्य ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. योगेश चंद्र दुबे ने की। वेबिनार की संयोजक डा. ज्योति विश्वकर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया।
संगीत विभाग के इस वेबिनार में आजीवन कुलाधिपति जगदगुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास के संगीत से प्रेरणा मिलती है कि संगीत को बंदिश से वंदना की तरफ बढ़ाना चाहिए। कहा कि बैजू बावरा ईश्वर के लिए गाते थे और तानसेन मनुष्य के लिए गाते थे। संगीत पहले भी था अब भी है। पहले संगीत था फिर राग बनाए गए।
कोआर्डिनेटर डा. गोपाल कुमार मिश्र ने बताया कि 12 से डेढ़ बजे तक प्रथम तकनीकी सत्र हुआ। इसमें केलिफॉर्निया यूएसए अमेरिका इंटरनेशनल संगीत संकल्प की को फाउंडर डा. योगिता बोस मंडल ने अपने विचार रखे। ग्रामोदय विवि के संगीत विभागाध्यक्ष ने अध्यक्षता की। काशी हिंदु विवि के फैकल्टी ऑफ आर्ट्स संकाय के संगीत प्रोफेसर ने संचालन किया।
इस मौके पर डा. मनीष कुमार, डा स्नेहाशीष दास अमरावती, डा. केए चंचल, पं. केशव रघुनाथ, डा. रुचि मिश्रा, डा. स्नेहादास, डा. विवेक फर्नाडिंस, कुलसचिव डां महेंद्र कुमार उपाध्याय, विनोद कुमार मिश्र, पीआरओ एसपी मिश्रा सहित शिक्षक, कर्मचारीगण, प्रतिभागी आदि मौजूद रहे।