सदर ब्लाक के इटरौर गांव में डायरिया का प्रकोप जारी है। गुरुवार को एक महिला की मौत हो गई जबकि 15 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची।
गांव के कुशल पांडेय व देवकुमार विश्वकर्मा ने बताया कि डायरिया का प्रकोप गांव में एक सप्ताह से जारी है। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी गई थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
जिसके कारण गुरुवार सुबह डायरिया पीड़ित गोलकी (45) पत्नी रामलाल की मौत हो गई। इसके अलावा गांव की उजरिया देवी, कमतू, अर्चना, निराशा, मंगल, शिवप्रसाद, चुनकू, कैरा, राजा, भैराें, ज्ञानी, रामबालक, महुंआ, मनोज व कंधई प्रसाद की हालत गंभीर बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि डायरिया फैलने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देने के बावजूद कोई डाक्टर नहीं आया। मरीजों का गांव में ही घरेलू इलाज किया जा रहा है। बारिश के कारण गांव में जलभराव है जिससे आवागमन प्रभावित है।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते इलाज न मिला तो हालात बिगड़ सकते हैं। इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पीएन गोयल ने बताया कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है। शुक्रवार को टीम गांव में भेजकर इलाज कराया जाएगा।
उधर, जिला अस्पताल में भी गुरुवार को डायरिया व बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ। रामलाल, संतोष, मानसी, सुमित्रा, चुनकी, ननकू व वहीद आदि को भर्ती कराया गया। इसके अलावा मऊ टिटरिहा की मीरा देवी पत्नी रामबालक की बुखार के चलते हालत गंभीर होने पर इलाहाबाद रिफर किया गया है।