चित्रकूट। कर्वी शहर में नवरात्र मेले के दौरान यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। चकरेही चौराहे से गल्लामंडी गेट तक महज 100 मीटर का रास्ता तय करने में आधा घंटा लग रहा है। इस भीषण जाम से श्रद्धालु, स्कूली बच्चे, व्यापारी और दफ्तर जाने वाले रोज जूझ रहे हैं।
शहर का यह छोटा सा टुकड़ा अब सबसे बड़ा जाम प्वाइंट बन चुका है। दिन में चार-पांच बार हालात ऐसे बनते हैं कि आगे एक ट्रक फंसता है और पीछे 200 मीटर तक बाइक, ऑटो और ई-रिक्शा की लंबी कतार लग जाती है। हॉर्न बजते रहते हैं, तैनात सिपाही जाम खुलवाने की मशक्कत करता रह जाता है, लेकिन आड़े-तिरछे खड़े वाहन रास्ता नहीं छोड़ते।
प्राचीन काली देवी मंदिर और जगह-जगह लगे दुर्गा पंडालों में दर्शन को जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं को इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। जाम में फंसकर न सिर्फ उनका समय बर्बाद होता है, बल्कि आस्था की राह भी मुश्किल हो जाती है।
बोले लोग-बाईपास बनना जरूरी
सुबह आठ से ग्यारह और शाम चार से आठ बजे तक निकलना मुश्किल होता है। बच्चों को स्कूल छोड़ने में रोज आधा घंटा अतिरिक्त लगता है।- भरत गुप्ता।
नवरात्र में भीड़ दोगुनी हो गई है, जब तक बाईपास नहीं बनता यह समस्या रोज की बनी रहेगी। इससे हर व्यक्ति परेशान है।- पीडी पहाड़िया।
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चकरेही चौराहे पर जाम की कई वजहें
शहर में चकरेही चौराहा पर जाम लगने की स्थानीय लोग चार मुख्य कारण बताते हैं। पहला, चकरेही चौराहे के आसपास कई बड़े स्कूल-कॉलेज हैं, लेकिन पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है।
अभिभावक सड़क पर ही गाड़ी रोककर बच्चों को उतारते-बैठाते हैं। दूसरा, चौराहे पर प्राचीन काली देवी मंदिर है पर भीड़ प्रबंधन का कोई इंतजाम नहीं है। तीसरा, फुटपाथ पर दुकानदारों का कब्जा है। चौथा, गल्लामंडी गेट पर माल लाने-ले जाने वाले ट्रक-बुग्गी दिनभर खड़े होकर रास्ता रोकते हैं।
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी राज किशोर प्रसाद ने बताया कि फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों को नोटिस दी जाएगी। जल्द ही अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर जाम की समस्या से निजात दिलाई जाएगी।
वर्जन
नवरात्र में चकरेही चौराहे पर दो अतिरिक्त होमगार्ड तैनात किए गए हैं। अतिक्रमण हटाने के लिए नगर पालिका को पत्र लिखा गया है।- हरीराम यादव, यातायात प्रभारी।
फोटो 17 सीकेटीपी 04 भरत। संवाद