03 सीकेटीपी-09- पटेल तिराहे से सोनपुर रोड जाने वाले मार्ग पर लगा जाम। संवाद
- अरसे से भरतकूप, रगौली जेल होते हुए खोह तक बाईपास निर्माण की मांग उठाई जा रही
- 20 लाख श्रद्धालुओं का आना-जाना, हजारों भारी वाहनों के दबाव के चलते हर दिन लगता जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। धर्मनगरी में हर दिन जाम दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। यहां पूरे साल श्रद्धालुओं का आना-जाना रहता है, वहीं खनिज कारोबार से जुड़े भारी वाहन भी शहर के बीच से होकर गुजरते हैं। इसके बाद भी जिला मुख्यालय को आज तक भरतकूप, रगौली जेल होते हुए खोह तक बाईपास की सौगात नहीं मिल सकी। नतीजा शहर की सड़कों पर हर दिन जाम, ट्रैफिक दबाव और हादसों का खतरा बना रहता है।
जिला मुख्यालय से झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-35) और कर्वी-पहाड़ी मार्ग निकलते हैं। दोनों मार्गों पर चौबीसों घंटे छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन रहता है। चित्रकूटधाम मंडल में हर महीने अमावस्या मेले के अलावा दीपावली पर पांच दिवसीय मेले में 20 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दौरान शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है।
स्थिति यह है कि खनिज से लदे डंपर, पर्यटक बसें और स्थानीय वाहनों का दबाव एक साथ पड़ने से शहर के प्रमुख चौराहों पर घंटों जाम लगता है। कई बार एंबुलेंस तक फंस जाती हैं और सड़क हादसे भी हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बाईपास बन जाए तो भारी वाहनों का दबाव शहर से बाहर हो जाएगा और जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है।
धर्मनगरी में बाईपास निर्माण की मांग लंबे समय से उठती रही है। सदर विधायक अनिल प्रधान, पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल, पूर्व सांसद भैरों प्रसाद मिश्र और पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय सहित कई जनप्रतिनिधि समय-समय पर यह मुद्दा उठाते रहे हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बाईपास निर्माण की घोषणा की थी लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं हो सका। लोक निर्माण विभाग ने पहले भरतकूप, रगौली जेल होते हुए खोह तक प्रस्तावित बाईपास का सर्वे कर शासन को प्रस्ताव भेजा था। हालांकि वह योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
छह माह में सर्वे और रिपोर्ट तैयार करने का दावा
लंबे इंतजार के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने बाईपास निर्माण के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीपीआर बनाने के आदेश जारी हो चुके हैं और कंसल्टेंट भी नियुक्त कर दिया गया है। शासन के निर्देश के अनुसार छह माह में सर्वे और रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद अंतिम नक्शा तैयार कर निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
हर दिन हजारों वाहनों का दबाव
जिले में वर्तमान में 36,530 छोटे-बड़े वाहन पंजीकृत हैं। रामनगर टोल प्लाजा से प्रतिदिन करीब पांच हजार और भरतकूप स्थित बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा से लगभग दो हजार वाहन निकलते हैं। इनमें बड़ी संख्या जिला मुख्यालय से होकर निकलती है जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।
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देवांगना मार्ग से बने बाईपास
बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह का कहना है कि बाईपास देवांगना रोड से सिद्धपुर, बनाड़ी और कोल गदहिया होते हुए झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग तक बनाया जाए। इससे कलक्ट्रेट, जिला अस्पताल समेत प्रमुख संस्थानों तक पहुंच आसान होगी और धर्मनगरी जाने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा।
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लिंक एक्सप्रेसवे पर भी काम जारी
प्रदेश सरकार बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से चित्रकूटधाम मंडल को जोड़ने के लिए करीब 940 करोड़ की लागत से लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण करा रही है। भरतकूप से अहमदगंज तक बनने वाली इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण जारी है। वहीं रामवन गमन मार्ग का निर्माण भी प्रगति पर है।
जिम्मेदार की सुनें
बाइपास निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से डीपीआर तैयार कराई जा रही है। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।-जितेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
वर्जन
बाईपास को शासन से हरी झंडी मिल चुकी है। डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजना में तेजी आएगी।-चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, राज्यमंत्री, (लोक निर्माण विभाग)
वर्जन
बाईपास का मुद्दा संसद से लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री तक उठाया गया था। अब इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।-आरके सिंह पटेल, पूर्व सांसद