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Chitrakoot News: ग्रेनाइट, मेडिकल और रियल एस्टेट कारोबारियों के यहां 36 घंटे से जांच जारी, खुल रहीं परतें

Thu, 12 Mar 2026 11:51 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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फोटो- 18 शिवशरण सिंह के आवास में पहरे पर खड़ी पुलिस। संवाद
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- परिवार नजरबंद, पुलिस के साथ जा रहे बाजार
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- स्थानीय पुलिस को लौटाया बैरंग, कहा हम सक्षम हैं

संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के ग्रेनाइट खनन, मेडिकल और रियल एस्टेट (प्लॉटिंग) व्यवसायों से जुड़े लगभग 18-20 कारोबारियों और ठेकेदारों के ठिकानों पर आयकर विभाग की एक बड़ी कार्रवाई जारी है। कानपुर आयकर विभाग की छह टीमों ने बुधवार की सुबह एक साथ कई ठिकानों पर छापा मारा। जिसके बाद से यह जांच 36 घंटे से अधिक समय से चल रही है और लगातार नई परतें खुल रही हैं। इस कार्रवाई में पूर्व विधायक, बसपा नेता और अन्य प्रतिष्ठित व्यापारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।


आयकर विभाग कानपुर की टीमों ने बुधवार की सुबह एक साथ ग्रेनाइड खनन, मेडिकल कारोबार सहित प्लाटिंग कारोबार से जुडे़ कारोबारी दिलीप सिंह, सीरजध्वज सिंह, अज्ञात गुप्ता, शिवशरण सिंह आदि के घर, कार्यालय व उद्योगों पर छापेमारी की थी। पूरे परिवार को नजरबंद रखा गया। देर रात तक आयकर विभाग की टीम कर चोरी से संबंधित दस्तावेजों को खंगालती रही। कुछ देर के लिए टीम खाना खाने के लिए गई और फिर से आ गई। सारी रात व पूरा दिन आयकर की टीम घर व कार्यालयों में दस्तावेजों की छानबीन करती रही।
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आयकर अधिकारियों ने कारोबारियों के पूरे परिवार को नजरबंद कर लिया है। रोजमर्रा का सामान लेने जाने वाले परिजनों और नौकरों के साथ भी पुलिस जा रही है। किसी भी बाहरी व्यक्ति को मकान और कार्यालयों में प्रवेश की अनुमति नहीं है। इसके अलावा टीम ने परिजनों के मोबाइल कब्जे में ले लिए है। कॉल आने पर सामने बात कराई जा रही है।
आयकर विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, कर चोरी की राशि इतनी बड़ी है कि जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। अभी इस जांच में कई दिन लग सकते हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रत्येक कारोबारी का प्रति माह एक करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर है लेकिन वे केवल 10 से 20 लाख रुपये का ही टैक्स दे रहे थे।
बैंकों से भी जुटाई जा रही जानकारी

आयकर विभाग की टीम के कुछ अधिकारी विभिन्न बैंकों में जाकर आवश्यक जानकारियां एकत्र कर रहे हैं। उन्होंने बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए हैं और दस्तावेजों का वीडियो बनाया है। यह भी पता चला है कि कारोबारियों ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर कई फर्म बना रखी हैं और टीम उनके रिश्तेदारों के ठिकानों पर भी पहुंची है।
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आयकर विभाग के छापे की सूचना पर स्थानीय पुलिस कारोबारियों के घर पहुंची थी लेकिन आयकर अधिकारियों ने उन्हें जिलाधिकारी द्वारा जारी अनुमति पत्र दिखाकर वापस भेज दिया। अधिकारियों ने कहा कि वे किसी भी समस्या से निपटने में सक्षम हैं और पुलिस की उपस्थिति से काम में व्यवधान उत्पन्न होगा व अनावश्यक भीड़ जमा होगी।

फोटो- 18 शिवशरण सिंह के आवास में पहरे पर खड़ी पुलिस। संवाद

फोटो- 18 शिवशरण सिंह के आवास में पहरे पर खड़ी पुलिस। संवाद

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