चित्रकूट। जिले के कई मजदूर मनरेगा के तहत की गई मजदूरी का भुगतान पाने को अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं सदर ब्लाक क्षेत्र के 10 गांवों में इस योजना में लाखों रुपये के घपले का मामला सामने आया है। अधिकारियों ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। इसमें कई प्रधान, सचिव व जेई अधिकारियों के रडार पर हैं। जिनको एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण व घपले की राशि जमा करने के लिए नोटिस जारी की गई है।
मनरेगा उपायुक्त दयाराम ने बताया कि सदर ब्लॉक के 10 ग्राम पंचायतों में शिकायत के आधार पर मनरेगा अंतर्गत कराए गए कामों की जांच कराई गई। पांच सदस्यीय टीम की रिपोर्ट के आधार पर पता चला कि मनरेगा के तहत लक्ष्य के मुताबिक काम नहीं हुआ है और इसकी धनराशि बिना काम कराए ही निकाल ली गई है। ऐसे में प्रथम दृष्टया प्रधान, सचिव व जेई की लापरवाही सामने आई है।
बताया कि लगभग 15 लाख का घपला जेई द्वारा किया गया है। लगभग 22 लाख का ग्राम प्रधानों व 15 लाख का घपला सचिवों द्वारा किया गया। इन सभी को नोटिस जारी करते हुए सात दिन के अंदर रुपया जमा करने को पत्र भेजा गया है। घपले की धनराशि जमा न करने पर सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप पर निलंबन कर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।